Opinion

मुसलमान महिलायें क्यों पहनती है बुरक़ा? पढ़कर शेयर जरूर करें…

Muslim aurat burqa kyun pehanti hai

Muslim aurat burqa kyun pehanti hai

Download Our Android App Online Hindi News

ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री जैक स्ट्रॉ के बयान से नक़ाब या बुरक़े के बारे में यह विवाद खड़ा हो गया है कि मुस्लिम महिलाओं को बुरक़ा पहनना चाहिए या सिर्फ़ हिजाब काफ़ी है. अल्लाह का पैग़ाम कही जाने वाली इस्लाम की पवित्र पुस्तक क़ुरआन में तफ्सील से बताया गया है कि मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों को किस तरह का लिबास पहनना चाहिए.

जुड़ें हिंदी TRN से

शरीर का कोई हिस्सा नज़र नहीं आना चाहिए….
मुस्लिम पुरुषों के बारे में कहा गया है कि उन्हें ऐसा लिबास पहनना ज़रूरी है जिससे शरीर नाभि के कुछ ऊपर से लेकर घुटनों के नीचे तक ढका जा सके. मुस्लिम महिलाओं के बारे में कहा गया है कि वह ऐसा लिबास पहनें जिससे उनका चेहरा, हाथ और पाँवों के अलावा शरीर का कोई हिस्सा नज़र नहीं आना चाहिए.

ये खबर भी पढ़ें  गुलबर्गा: तीन तलाक़ बिल के विरोध में सड़कों पर उतरीं महिलाएं

हिजाब का मतलब है सिर ढांकना…
हालाँकि इस मुद्दे पर इस्लामी विद्वानों में भी ख़ासी बहस चलती रही है कि महिलाओं और पुरुषों के लिबास की सही परिभाषा क्या है. इसी बहस की वजह से दो शब्द चल निकले हैं. हिजाब और नक़ाब. हिजाब एक अरबी भाषा का शब्द है जिसका मतलब है सिर ढांकना और नक़ाब का मतलब है पूरी तरह से ढकना, जिसे बुरक़े के संदर्भ में समझा जा सकता है.

हिजाब का मतलब है पूरा शरीर ढका होना…
बुरक़ा वह परिधान है जिसमें पूरा शरीर ढका होता है और सिर्फ़ आँखों से झाँकने के लिए एक झिल्ली या जाली लगी होती है लेकिन हिजाब में चेहरा नज़र आता है मगर बाल और गर्दन छुपे होते हैं. पश्चिमी देशों में हिजाब ज़्यादा लोकप्रिय नज़र आता है लेकिन बुरक़ा एशियाई देशों में ख़ासा प्रयोग में देखा जाता है.

ये खबर भी पढ़ें  फतवे पर मीडिया के एक और झूठ का पर्दाफाश

हिजाब के विभिन्न रूप…
अलबत्ता जैक स्ट्रॉ ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम महिला हिजाब पहनती है जिसमें उसका चेहरा नज़र आ सकता है तो बातचीत ज़्यादा सहज तरीके से हो सकती है क्योंकि जिस महिला से बातचीत की जा रहा है उसके चेहरे के हावभाव को समझने में आसानी हो सकती है.

विद्वानों के मतभेद…
क़ुरआन में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा गया है कि अपने अंगों को छुपाकर रखें और अपना श्रंगार या आभूषणों का दिखावा नहीं करें. सिवाय उसके जो स्वभाविक रूप से नज़र आए. इस्लामी विद्वानों में इस वाक्य के अंतिम हिस्से पर मतभेद हैं कि आख़िर इसका क्या मतलब निकाला जाए.

You could follow TR News posts either via our Facebook page or by following us on Twitter or by subscribing to our E-mail updates.

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

To Top