BJP IT cell abusing Ravish Kumar
BJP IT cell abusing Ravish Kumar

BJP IT cell abusing Ravish Kumar

आज जब देश का 90 फीसदी मीडिया गोदी मीडिया बन चुका है, यानि ये मीडिया सरकार के पक्ष में खबर लिख और दिखा रहा है। ऐसे में रवीश कुमार जैसे काबिल पत्रकारों ने अपनी कलम को कमजोर नहीं पड़ने दिया है, वो बता रहे हैं कि हम सरकार के आलोचक हैं और सरकार की गलतियाँ बताते रहेंगे। भले ही उन्हें दिन रात गालियां खाने को मिल रही हैं, लेकिन रवीश ने जनता की आवाज को दबने नहीं दिया है।

इतने मुश्किल हालात में भी रवीश कुमार सरकार की स्वस्थ्य आलोचना कर रहे हैं और बाकी की मीडिया जो शेष है वो सरकारी भक्ति में लीन है। 90 फीसदी मीडिया का गोदी मीडिया बन जाना आज इतना घातक हो गया है कि इसका असर अब समाज में दिखने लगा है।

क्योंकि अगर मीडिया समाज में धारणा बनाता है तो ये मीडिया की बनाई धारणा देश को बर्बाद करके रख देगी और फिर एक दिन ऐसा आएगा जब गंगा-जमुनी तहजीब से जाना जाने वाले हिंदुस्तान की ऐसी कोई पहचान नहीं बचेगी।

अगर ऐसा होता है तो इसका जिम्मेदार सरकार से ज्यादा मीडिया होगा। आने वाली पीढियां मीडिया से सवाल पूछेंगी कि जब सरकार ने तुम्हें (मीडिया) अपना प्रोपेगैंडा चलाने को कहा तो तुमने सरकार को मुँहतोड़ जवाब क्यों नहीं दिया?

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार को सरकार से बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री मोदी का देश से झूठ बोलना, देश की व्यवस्था से सवाल पूछना इतना घातक हो गया है कि उन्हें बीजेपी आईटी सेल के लोग फोन और मैसेज करके उन्हें माँ बहन की गलियां दे रहे हैं। उनको जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। कौन हैं ये लोग? इनके मन में किसने यह जहर भरा है? जो लाखों की आवाज को दबाना चाहते हैं?

ये खबर भी पढ़ें  केरल के राज्यपाल ने विधानसभा सत्र में नही पढ़ी मोदी-RSS की आलोचना वाली लाइन
BJP IT cell abusing Ravish Kumar

लगातार रविश कुमार को गलियां पड़ने से सोशल मीडिया फेसबुक और ट्विटर पर लोग रविश के समर्थन में आ गए हैं, जिससे रविश की आवाज कमजोर न पड़े। लोग रविश को यह बता रहे हैं कि हम आपके साथ खड़े हैं। सोशल मीडिया पर ये भी ट्रेंड चल रहा है कि “रुक नहीं जाना कहीं तुम हार के, यह वक़्त रवीश कुमार के साथ खड़े होने का हैं। “आगे आने वाली सदियों को रश्क़ होगा कि हमने रवीश को देखा हैं।”

ये खबर भी पढ़ें  नोटबंदी वाले नोट लौटाने आ रहे हैं नेपाल के प्रधानमंत्री?

रविश कुमार ने गालियों से भरे मैसेज और फोन करने वालों के नाम अपने फेसबुक पेज पर शेयर किए हैं। जिनसे साफ पता चल रहा है कि ये गालीबाज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं और आईटी सेल से ताल्लुक रखते हैं। एक निशु नाम के आदमी ने रविश को मैसेज करते हुए लिखा है कि “अभी बुखार आया है, काश मौत आ जाए आपको, क्योंकि आपका भौकना सुन-सुनकर थक गए हैं।”

गाय के नाम पर अखलाख, पहलू खान जैसों की शुरू हुई लिंचिइंग, दलितों को सरे राह मारा जाना, किसानों की आत्महत्या करना इन सब पर प्रधानमंत्री मोदी की लम्बे समय तक चुप्पी साधना और फिर इन सब पर मीडिया की चुप्पी ने आज देश को गालिबाजो पर लाकर छोड़ दिया है। जो किसी पुलिस और कानून से नहीं डरते क्योंकि उनके ‘साहेब’ का उनपर हाथ है! तभी इन गालिबजों के हौसले बुलंद हैं।

ये खबर भी पढ़ें  दलित मुद्दे को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का 'हल्ला बोल', राजघाट पर राहुल करेंगे अनशन

पीएम नरेन्द्र मोदी ने 2014 के बाद जिस राजनीतिक संस्कृति की बुनियाद डाली थी, वो अब फल-फूल चुकी है। गाली-गौलौच की इस संस्कृति के बिना भी मोदी का समर्थन किया जा सकता है। रविश कुमार को इन गलिबाजों ने इतनी भद्दी गलियां दीं हैं कि हम आपको यहाँ नहीं बता सकते!

बकौल रविश कुमार- “गाली देने वालों का यह दस्ता एक दिन संघ को भी बर्बाद कर देगा। ये जब बड़े होंगे, ओहदे पर पहुंचेगें, तो इनके पास यही भाषा होगी। यही लोग संघ का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हिं या करेंगे। इनके तमाम प्रतीक चिन्हों को देखिए, गर्व से संघ का बताते हैं। उसकी विचारधारा को ढोते हैं।”

“लोग जो मेरे कमेंट बॉक्स में गलियां दे रहे हैं, वे नागरिकों के बीच लोकतांत्रिकता समाप्त करने की निशानी छोड़ रहे हैं। ये वे लोग हैं, जो अपनी तरफ से लोकतंत्र को ख़त्म कर रहे हैं। जनता के बीच जनता बनकर जनता को ख़त्म कर रहे हैं। इनका नाम लोकतंत्र को ख़त्म करने में ही लिया जाएगा।”

Source: http://www.boltaup.com