Press "Enter" to skip to content

भारत में चल रहे #Metoo अभियान पर संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने जताई चिंता, कहा- पत्रकारों का यौन उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं

UNGA president on Journalists Sexual harassment

फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुए  #Metoo अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) की चपेट में मीडिया जगत भी आ गया है। यौन शोषण का शिकार बनी महिलाएं सोशल मीडिया में सामने आ रही हैं और गुनहगारों के नाम सार्वजनिक कर रही हैं।

यही नहीं, मोदी सरकार के एक मंत्री भी इसके लपेट में आ गए हैं। इस अभियान के तहत मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर 8 वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

UNGA ने जताई चिंता-

इसी बीच, देश में चल रहे #Metoo मूवमेंट को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नाडा एस्पिनोसा ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि, पत्रकारों के यौन उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। एस्पिनोसा की प्रवक्ता मोनिका ग्रेले ने भारत के मीडिया जगत में चल रहे ‘मीटू’ मूवमेंट पर एक सवाल का यह जवाब देते हुए यह बात कही।

UNGA president on Journalists Sexual harassment
UNGA president on Journalists Sexual harassment

वहीं, #Metoo अभियान को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नाडा एस्पिनोसा ने यह स्पष्ट करते हुए कहा है कि, यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और यौन हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।

UNGA president on Journalists Sexual harassment

यह पूछे जाने पर कि क्या एस्पिनोसा भारतीय महिला पत्रकारों के साथ एकजुटता दिखाना चाहते हैं, जिन महिलाओं ने भारत के विदेश राज्यमंत्री एम.जे.अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

इस पर ग्रेले कहती हैं, “जब आप यौन हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ रुख अपनाते हैं फिर चाहे वह प्रेस से जुड़ी महिलाएं हों, तो आप किसी एक चुनिंदा क्षेत्र की महिलाओं की बात नहीं रकते। यह सार्वभैमिक संदर्भ में होता है। इसलिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।”

गौरतलब है कि, केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर अब तक चुप्पी बनाए रखी, जबकि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस मामले में जवाब देने के लिए दबाव डाला और पूछा कि क्या मामले के संबंध में कोई जांच होगी, तो वह वहां से कोई जवाब दिए बिना ही चली गईं।

बता दें कि, एम जे अकबर अभी विदेश दौरे पर हैं। वे रविवार (14 अक्टूबर) को वापस लौट सकते है। फिलहाल, उन्होंने खुद पर लगे गंभीर आरोपों पर अपनी कोई सफाई नहीं दी है।

Facebook Comments
More from IndiaMore posts in India »

Be First to Comment

%d bloggers like this: