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#Metoo: यौन शोषण के गंभीर आरोपों से घिरे एम जे अकबर के बचाव में उतरीं BJP मंत्री उमा भारती

Uma Bharti defends MJ Akbar

देश में पिछले कुछ दिनों से चल रहे #Metoo अभियान के तहत यौन शोषण का शिकार बनी महिलाएं सोशल मीडिया में सामने आ रही हैं और गुनहगारों का पर्दाफाश कर रही हैं। हर रोज इसमें होने वाले खुलासें चौका देने वाले हैं।

#Metoo ने अब तक फिल्मी इंडस्ट्री से लेकर मीडिया जगत और केंद्र सरकार के एक मंत्री भी अपने चपेट में ले लिया है। जिसे लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है।

गौरतलब है कि, मी टू मूवमेंट के तहत मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर पर 8 वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।

यही नहीं, हाल ही में एक विदेशी पत्रकार ने भी M J अकबर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकार का आरोप है कि एक मीडिया संस्थान में वर्ष 2007 में इंटर्न रहते हुए अकबर ने सीमाएं लांघते हुए यौन दुर्व्यवहार किया।

विदेशी महिला पत्रकार का आरोप है, ‘उन्होंने मेरी शारीरिक वर्जनाओं को लांघते हुए मेरा और मेरे माता-पिता का भरोसा तोड़ा। पीड़ित का कहना है कि उनके माता-पिता 90 के दशक में दिल्ली में बतौर विदेशी संवाददाता कार्यरत थे और वह उन्हीं के जरिए अकबर से मिली थीं।

हालांकि मोदी सरकार ने एमजे अकबर पर लगे यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर अब तक चुप्पी बनाए रखी, जबकि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

Uma Bharti defends MJ Akbar

उमा भारती ने किया एमजे अकबर का बचाव

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इन गंभीर आरोपों के बावजूद एम जे अकबर का बचाव किया है। साथ ही उन्होंने इसे महिलाओं और अकबर के बीच का मामला बताया है।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के सागर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची उमा ने इस मामले में मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहती।

अकबर से जुड़ा मामला तब का है जब वह केंद्र सरकार में मंत्री नहीं थे। यह मामला पूरी तरह महिला और अकबर के बीच है। लिहाजा मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।’

पत्रकारों ने जब उमा से पूछा कि आप हमेशा महिलाओं के हितों की बात करती रही है, लेकिन इस मामले पर पीछे क्यों हट रही हैं, तो केंद्रीय मंत्री इसके बाद भी इस पर कुछ नहीं बोलीं और चुप्पी साधे रखी।

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने #MeToo मूवमेंट के तहत सामने आ रहे मामलों की जांच के लिए कमिटी बनाने की बात कही है। हालांकि, मोदी सरकार अब भी इस पर खामोशी बनाए है।

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