रिटायर्ड जनरल डीएस हुड्डा का बड़ा बयान, बोले- सर्जिकल स्ट्राइक पर जरूरत से ज्यादा प्रचार और की गई राजनीति, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर बोला हमला

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Surgical strike politicised
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सेना की ओर से नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करने के दो साल बाद लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने शुक्रवार (7 दिसंबर)को बड़ा बयान देते हुए कहा सफलता पर शुरुआती खुशी स्वाभाविक है, लेकिन अभियान का लगातार प्रचार और इसपर राजनीति करना गलत है।

बता दें कि कश्‍मीर के उड़ी में 2 साल पहले सैन्‍य शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने नियंत्रण रेखा पार कर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया था और पाक‍िस्‍तान के कब्जे वाले कश्‍मीर में आतंकियों के कई लॉन्‍च पैड्स ध्वस्‍त कर दिए थे। जिसके बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सेना की इस सफलता का श्रेय लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

इन सबके बीच अब सेना के एक पूर्व अधिकारी ने भी सर्जिकल स्‍ट्राइक के प्रचार-प्रसार पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि, जनरल हुड्डा 29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लेफ्टिंनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आरोप थे कि मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है, और चुनिंदा वीडियोज, फोटो ग्राफ्स को लीक करके एक मिलिट्री ऑपरेशन को राजनीतिक चर्चा में बनाए रखने का प्रयास हुआ। डीएस हुड्डा ने ये बात चंडीगढ़ लेक क्लब में शुरू हुए आर्मी मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में रोल ऑफ क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन एंड सर्जिकल स्ट्राइक पर शुक्रवार को कही।

उन्होंने कहा, क्या अतिव्यापी मदद मिली? मैं कहता हूं, बिल्कुल नहीं हुआ। अगर आप सैन्यन ऑपरेशंस में राजनैतिक फायदे लेना शुरू कर देंगे तो यह अच्छा नहीं है। (उस समय) दोनों तरफ से, बहुत सारी राजनैतिक बयानबाजी हुई। सेना के ऑपरेशंस का राजनीतिकरण होना यह अच्छा नहीं है। भविष्य के ऑपरेशंस के लिए फैसला लेने वालों की सोच पर सर्जिकल स्ट्राइक के प्रभाव पर पूर्व सैन्य कमांडर ने कहा, यदि आप एक सफल ऑपरेशन का महिमामंडन करेंगे तो सफलता का भी एक बोझ होता है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्‍तान की ओर से होने वाली उकसावे की कार्रवाई और निरंतर संघर्ष विराम उल्‍लंघन को देखते हुए सेना का सतर्क व सक्रिय रहना जरूरी है। हुड्डा 29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने  सर्जिकल स्ट्राइक को ‘जरूरत से ज्यादा तूल दिए जाने संबंधी सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा के एक कथित बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जमकर हमला बोला।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (8 दिसंबर) को डीएस हुड्डा के बयान से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आपने (हुड्डा) जवानों के एक सच्चे जनरल की तरह बात की है। भारत को आप पर गर्व है। हमारी सेना का इस्तेमाल निजी संपत्ति के तौर पर करने में प्रधानमंत्री को कोई शर्म नहीं है।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘उन्होंने (मोदी) ने राजनीतिक पूंजी के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल किया और अनिल अंबानी की पूंजी में 30 हजार करोड़ रुपये में बढ़ोतरी करने के लिए राफेल सौदे का इस्तेमाल किया।’

वहीं, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हुड्डा के बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त्) हुड्डा आपका धन्यवाद कि आपने सरकार की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण किए जाने को बेनकाब कर दिया है। कोई भी हमारे बहादुर जवानों के पराक्रम और बलिदान का इस्तेमाल सस्ते तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए नहीं कर सकता।


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गौरतलब है कि कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमेशा सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ‘सैन्य फैसले’ को भी ‘राजनीतिक संपत्ति’ बना दिया जबकि यही काम पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार ने भी तीन बार किया था।