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CBI मामले में सरकार के फैसले पर भड़के BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी, बोले- भ्रष्टाचारियों को बचा रही है मोदी सरकार

Subramanian Swamy supports CBI Director Alok Verma

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) खुद भष्टाचार और रिश्वतख़ोरी के गंभीर आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है।

सीबीआई के दो सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सीबीआई में मचे घमासान के बीच मोदी सरकार ने रातों-रात अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है।

साथ ही सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है। राव की नियुक्ति होते ही राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे सीबीआई के 13 अधिकारियों का भी तबादला कर दिया गया।

वहीं, विरोधी दल मोदी सरकार के इस फैसले को अलोकतांत्रिक बता रहे हैं क्योंकि बिना चीफ जस्टिस और विपक्षी नेताओं के सलाह के प्रधानमंत्री अकेले ऐसे फैसले नहीं ले सकते हैं। खास तौर पर सीबीआई चीफ़ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

इसी बीच, CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने पर बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। दरअसल, इस मामले पर स्वामी ने सनसनीखेज दावा करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया।

Subramanian swamy supports CBI Director Alok Verma

आलोक वर्मा के समर्थन में स्वामी ने कहा, “मुझे आश्चर्य है कि आलोक वर्मा जैसे एक ईमानदार व्यक्ति को शिफ्ट कर दिया गया है। पी चिदंबरम के खिलाफ आलोक वर्मा ने काफी साफ-सुथरी जांच करवाई थी। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर के तौर पर उनका काम अच्छा था।”

स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की छुट्टी को सही ठहराते हुए स्वामी ने कहा, “अस्थाना के कारण पी चिदंबरम की चार्जशीट ढाई साल तक रुकी रही। जब इसका चार्ज आलोक वर्मा के पास गया, तभी चार्जशीट फाइल हो सकी। मैं कह सकता हूं कि आलोक वर्मा बहुत ईमानदार हैं। इनको हटाने का कारण मुझे समझ नहीं आता।”

स्वामी के मुताबिक, राकेश अस्थाना ठीक शख्स नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे अस्थाना के बारे में पता है। इन्होंने ही सबसे पहले सीवीसी को वर्मा की कंप्लेन की थी।” स्वामी ने ईडी के अधिकारी राजेश्वर सिंह को सबसे ईमानदार बताते हुए उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “सब ईडी के सबसे ईमानदार अधिकारी राजेश्वर सिंह के पीछे पड़े हैं. चिदंबरम और हमारी सरकार, दोनों इनके पीछे पड़े हैं।”

स्वामी ने ट्वीट कर कहा, ”सीबीआई में कत्लेआम के खिलाड़ी अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के अधिकारी राजेश्वर सिंह का निलंबन करने जा रहे हैं ताकि पीसी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल ना हो। अगर ऐसा हुआ तो भ्रष्टाचार से लड़ने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि मेरी ही सरकार लोगों को बचा रही है। ऐसे में मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जितने मुकदमे दायर किए हैं सब वापस ले लूंगा।”

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने बुधवार (24 अक्टूबर) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट वर्मा की अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमत हो गया है। यह सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। बता दें कि, वर्मा ने खुद को छुट्टी पर भेजे जाने और सारे अधिकार वापस ले लिए जाने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी है।

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