Sohrabuddin fake encounter case 2 witnesses turn
Sohrabuddin fake encounter case 2 witnesses turn

Sohrabuddin fake encounter case 2 witnesses turn

Install Ravish Kumar App

Install Ravish Kumar App Ravish Kumar.

सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति कथित फर्जी मुठभेड़ मामलों में अब गुजरात पुलिस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अभियोजन पक्ष के दो और गवाह अपने बयानों से पलट गए हैं। इस प्रकार बयान से पलटने वाले गवाहों की संख्या 64 हो गई है।

गवाहों ने कहा कि उन्हें बिना कुछ बताए पंचनामे पर हस्ताक्षर लिए गए। एक गवाह ने कहा कि वो अपने गाँव में था जब पुलिस ने उस से हस्ताक्षर लिए।

ये खबर भी पढ़ें  दारुल कज़ा को दंगाई ‘गोदी मीडिया’ ने बताया शरिया कोर्ट , संजय सिंह बोले- 'ये अफवाह ‘भाजपाइयों’ के लिए फायदेमंद है'

गवाह ने कोर्ट से कहा कि “मुझे पंचनामे में क्या लिखा है इसका पता नहीं था। पुलिस ने मुझे सिर्फ हस्ताक्षर करने के लिए कहा। मुझे अब उस पुलिसकर्मी की शक्ल भी याद नहीं है।

दूसरे गवाह ने सीबीआई कोर्ट में कहा कि वो रेलवे क्रॉसिंग पर बैठा हुआ था जब पुलिस ने उस से हस्ताक्षर के लिए कहा। “मैंने पूछा भी कि ये किस काम के लिए है। लेकिन पुलिसकर्मियों ने कुछ नहीं बताया। बस हस्ताक्षर लिए और चले गए।”

ये खबर भी पढ़ें  बीजेपी के संस्कारी सांसद ने किया मदद मांगने आई महिला की इज्जत पर हाथ साफ, कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
Sohrabuddin fake encounter case 2 witnesses turn

सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में अब तक 98 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। इनमें से 64 अपने बयानों से पलट चुके हैं।

आरोप है कि साल 2005 में हुई फर्जी मुठभेड़ में गुजरात और राजस्थान की पुलिस ने सोहराबुदीन की हत्या के बाद में उसकी पत्नी कौसर बी की भी हत्या कर उसे दफना दिया था। साल भर बाद फर्जी मुठभेड़ के चश्मदीद तुलसीराम प्रजापति की भी फर्जी मुठभेड़ में मौत दिखाई गई। गौरतलब है कि इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर भी आरोप हैं।

ये खबर भी पढ़ें  2जी स्पेक्ट्रम केस: केजरीवाल ने CBI जांच पर उठाया सवाल, पूछा- क्या सीबीआई ने जानबूझकर गड़बड़ की?

मामले में गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह और राजस्थान के भी एक मंत्री के साथ कई बड़े पुलिस अधिकारियों के शामिल होने और गुजरात मे निष्पक्ष मुकदमा ना हो पाने की आशंका के चलते सीबीआई की मांग पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मुकदमा मुंबई में हस्तातंरित कर दिया गया।

Source: http://boltaup.com