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अमृतसर रेल हादसे में अनाथ हुए बच्चों और गरीब परिवारों को ‘सिद्धू’ ने लिया गोद, बोले- मैं ताउम्र इनका ख़याल रखूंगा

Sidhu adopt children affected by Amritsar train tragedy

बीते शुक्रवार (19 अक्टूबर) को अमृतसर में जौड़ा फाटक के नजदीक दशहरा वाले दिन रावण दहन देख रहे लोगों को पटरी पर रौंदते हुए ट्रेन निकल गई। इस हादसे में अबतक 62 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोगों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। दिल दहला देने वाले इस हादसे से पूरा देश दुखी है।

अमृतसर रेल हादसे में जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनपर जो दर्द का पहाड़ टूटा है उसकी कल्पना भी नहीं जा सकती। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने बाप और किसी ने अपने मासूम बच्चे वो बच्चे जिन्हें वो अपने कांधे पर बैठाकर विजय दशमी का मेला और रावण दहन दिखाने गए थे।

अमृतसर हादसे में पीड़ित परिवारों को ‘सिद्धू’ ने लिया गोद

इसी बीच, कांग्रेस नेता एवं पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों की ज़िम्मेदारी उठाने का ऐलान किया है। उन्‍होंने कहा, ‘अगर किसी परिवार में कोई कमाने वाला या संभालने वाला नहीं है तो मैं और मेरी पत्नी ताउम्र उनकी ज़िम्मेदारी उठाएंगे।’

सिद्धू ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए इस बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह इस हादसे के पीड़ित परिवार की ज़िम्‍मेदारी उठाने को तैयार हैं। वह पीड़ित परिवार की उम्रभर मदद करेंगे। उन्‍होंने कहा कि वह परिवार के किसी सदस्‍य को नौकरी दिलाने की कोशिश भी करेंगे।

Sidhu adopt children affected by Amritsar train tragedy
Sidhu adopt children affected by Amritsar train tragedy

इसके साथ ही सिद्धू ने हादसे में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने की घोषणा करते हुए कहा, “मैं सभी अनाथ बच्चों को गोद लेता हूं और जितने भी बच्चे अनाथ हुए हैं, वह मेरा परिवार हैं”।

उन्होंने कहा कि ये सभी बच्चे अनाथ नहीं कहलाएंगे, बल्कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक इन बच्चों की परवरिश के साथ-साथ उनकी पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्च करेंगे। सिद्धू ने कहा कि अपने जीवित रहते हुए वह इन परिवारों के घरों के चूल्हे भी कभी बुझने नहीं देंगे।

Navjot-Singh-Sidhu-will-adopt
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Sidhu adopt children affected by Amritsar train tragedy

“रेलवे ने सबूतों को नष्ट कर दिया”

इस दौरान सिद्धू ने अमृतसर रेल हादसे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने एक विडियो भी दिखाया कि DMU ट्रेन वास्तव में रोजाना कितनी स्पीड में जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस समय ये हादसा हुआ उस समय ट्रेन की हेडलाइट भी नहीं जल रही थी।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धू के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि रेलवे ने सबूतों को नष्ट कर दिया है।  उन्होंने तमाम सवाल भी उठाए. जाखड़ ने कहा कि जोड़ा फाटक से 200 मीटर दूर दशहरा मनाया जा रहा था, यह गेटमैन को क्यों नहीं दिखा।

10 मिनट पहले वहां से गुजरी एक ट्रेन धीमी रफ्तार से निकल सकती है तो दूसरी क्यों नहीं. ड्राइवर को किस बात की जल्दी थी. वह इतनी स्पीड में क्यों भाग रहा था। इमरजेंसी ब्रेक किस तरह लगाए गए कि ट्रेन रुकी ही नहीं।

Amritsar-train-accident
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सोशल मीडिया पर सिद्धू के फैसले की जमकर प्रशंसा

वहीं, सिद्धू के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैसले की जमकर प्रशंसा हो रही है। कई मशहूर हस्तियों और पत्रकारों ने सिद्धू के इस कदम को सराहनीय बताया है।

समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने ट्विटर पर लिखा, “सुना है कि नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर रेल हादसे में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेंगे। अगर यह सच है तो मानवीय नेतृत्व का सही उदाहरण है जिसकी न्यू इंडिया में हमें ज़रूरत है, जहां सियासत ने बुरी तरह से सहानुभूति के तत्व को खो दिया है”।

वहीं, पत्रकार रूबिका लियाक़त ने भी ट्विटर के ज़रिए नवजोत सिंह सिद्धू के इस क़दम को सराहनीय बताया।

 

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