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राफेल पर जारी है सियासी घमासान: राहुल गांधी का दावा- ‘अगर राफेल की जांच शुरू हो जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे’

Rahul Gandhi attacks PM Modi on Rafale Case

देश में पिछले कई दिनों से भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू विमान राफेल के लिए करीब 580000 करोड़ रुपए की हुई डील को लेकर सियासी घमासान जारी है। राफेल डील को लेकर लगातार हो रहे खुलासों के बाद केंद्र की सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई हैं।

कांग्रेस ने इस डील को घोटाला करार देते हुए आरोप लगाया है कि, पीएम मोदी ने इस सौदे से अपने पूंजीपति दोस्त अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने देश की 60 सालों से अनुभवी सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (HAL) को राफेल बनाने में असक्षम बताकर 15 दिन पहले बनी रिलायंस डिफेंस कंपनी को हजारों करोड़ की डील दे दी।

इतना ही नहीं, हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा राफेल सौदे पर किए खुलासे के बाद मोदी सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। आलांद ने खुलासा किया कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और Dassault Aviation के पास रिलायंस के साथ करार करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था। फ्रांस की एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ओलांद ने ये खुलासा किया है।

बता दें कि, 36 राफेल लड़ाकू विमानों के दाम और दैसॉ रिलायंस एविएशन को ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट मिलने के मुद्दे पर मोदी सरकार और कांग्रेस के बीच तकरार चल रही है। एक तरफ सरकार का कहना है कि उसने राफेल सौदे में कोई गड़बड़ी नहीं की और राष्ट्रीय सुरक्षा का ख्याल रखा है। वहीं कांग्रेस कह रही है कि मोदी सरकार ने राफेल में घोटाला किया है और अनिल अंबानी को इसका सीधा फायदा पहुंचाया है।

इसी बीच, NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार (2 नवंबर) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर राफेल डील को लेकर ताजा हमला किया। राहुल गांधी ने कहा कि अगर राफेल की जांच शुरू हो जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि राफेल ‘ओपन एंड शट’ केस है, यह साफ-साफ PM मोदी और अनिल अंबानी की साझीदारी का मामला है।

Rahul Gandhi attacks PM Modi on Rafale Case

राहुल गांधी ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी में दसॉल्ट ने 284 करोड़ रुपये डाला और उसी पैसे से अनिल अंबानी ने जमीन खरीदी। दसॉल्ट के सीईओ साफ झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि नुकसान में चल रही 8 लाख रुपये की कंपनी में 284 करोड़ रुपये दसॉल्ट ने क्यों डाले?

उन्होंने कहा कि राफेल एक ओपन एंड शट केस है। सीबीआई डायरेक्टर इस मामले की जांच करने वाले थे, यही वजह है कि उन्हें हटाया गया। रक्षामंत्री फ्रांस गईं और अनिल अंबानी के पक्ष में दसॉल्ट से बात कीं।

उन्होंने आगे कहा कि कीमत पर सवाल उठ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों की जानकारी मांगी है और सरकार कह रही है कि नहीं बता सकते, क्योंकि ये गोपनीय है। लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा है कि राफेल की कीमत गोपनीय समझौते का हिस्सा है ही नहीं।

राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार हुआ है और वो साफ दिख रहा है। 284 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार की पहली किश्त साफ तौर पर साबित हो गयी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को रात को नींद नहीं आ रही है, टेंशन है और पकड़े जायेंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर यह फैसला लिया है। मनोहर पर्रिकर ने स्पष्ट कर दिया है कि राफेल मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर राफेल की जांच शुरू हो जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने राफेल सौदे में विमानों की संख्या घटाकर वायुसेना की ताकत कम की, भ्रष्टाचार करके देश के खजाने को नुकसान पहुंचाया, देश के युवाओं का रोज़गार छीना. फायदा सिर्फ उनको और उनके करीबी पूंजीपतियों को हुआ।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (31 अक्टूबर) को केंद्र सरकार से कहा कि वह फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत की जानकारी उसे 10 दिन के भीतर सीलबंद लिफाफे में सौंपे। साथ ही इसपर सहमति जताई कि ‘‘सामरिक और गोपनीय’’ सूचनाओं को सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है।

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