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#Metoo: एमजे अकबर धमकी और उत्पीड़न के जरिए मुंह बंद कराना चाहते हैं लेकिन मैं लडुंगी- पत्रकार प्रिया रमानी

Priya Ramani hits back MJ Akbar

देश में आग की तरह फैले #Metoo अभियान के तहत यौन शोषण के आरोपों से घिरे मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

गौरतलब है कि, अकबर पर करीब 10 से ज्यादा महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद विपक्षी दल लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। लेकिन विपक्ष के ज़ोरदार विरोध के बावजूद केंद्र की बीजेपी सरकार ने एमजे अकबर के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि इस मामले में पार्टी अपने आरोपी मंत्री के साथ खड़ी नज़र आई।

Priya Ramani hits back MJ Akbar
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खबर के मुताबिक, एमजे अकबर ने सोमवार (15 अक्टूबर) को अपने वकील संदीप कपूर के माध्यम से भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत प्रिया के खिलाफ पटियाला कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। बता दें कि, मानहानि के मामले में दो साल की सजा या दंड अथवा दोनों का प्रावधान है।

याचिका में कहा गया है कि अकबर के खिलाफ सोशल मीडिया में इस तरह के आरोप लगाने से उनके मुवक्किल की छवि को परिवार समाज और मित्रों में ठेस पहुंची है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है।

गौरतलब है कि, अकबर पर प्रिया रमानी के अलावा गजाला वहाब, अंजू भारती, शुत्पा पॉल, शुमा रहा समेत कई महिला पत्रकारों ने यौन शोषण एवं प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। सबसे पहले प्रिया रमानी ने ही मंत्री पर देश में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के बीच यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

Priya Ramani hits back MJ Akbar
Priya Ramani
Priya Ramani

महिला पत्रकार ने किया पलटवार –

वहीं, एमजे अकबर द्वारा मानहानि का केस दर्ज कराए जाने के बाद प्रिया रमानी ने एक बयान जारी करते हुए एमजे अकबर पर जमकर पलटवार किया है। प्रिया ने अपने बयान में कहा, ”मैं अपने ख़िलाफ़ मानहानि के आरोपों पर लड़ने के लिए तैयार हूं। सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव है।” रमानी ने अपना बयान सोशल मीडिया पर साझा किया है।

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, रमानी ने अपने एक बयान में कहा, “मैं काफी निराश हूं कि केंद्रीय मंत्री ने कई महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया। मेरे खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करके अकबर ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।”

पत्रकार प्रिया रमानी कहा, “अनेक महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का सामना करने के बजाय वह (अकबर) धमकी और उत्पीड़न के माध्यम से मुंह बंद कराना चाहते हैं।” रमानी ने जोर देकर कहा कि वह मानहानि के आरोपों का सामना करेंगी।

उन्होंने कहा, “क्योंकि सच और पूर्ण सच ही मेरा बचाव है।” उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं ने अकबर के खिलाफ खुलकर खड़े होने का साहस दिखाया है, उन्होंने अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को गंभीर खतरे में डालकर ऐसा किया है।

उन्होंने कहा, “इस समय, यह पूछना ठीक नहीं है कि वे (पीड़ित) अब क्यों बोल रही हैं, क्योंकि हम सभी लांछन और शर्म से परिचित हैं कि यौन अपराध की सजा पीड़ित को कैसे भोगनी पड़ती है। इन महिलाओं की मंशा और इरादे को लेकर उन्हें कलंकित करने के बजाए हमें पुरुष और महिलाओं की भावी पीढ़ी के लिए कार्यस्थल को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।”

रमानी ने कहा, “इसलिए मैं श्रीमान अकबर के अत्यंत हाल में दिए गए बयान का सख्त विरोध करती हूं, जिसमें पीड़ितों के सदमे और डर या सच बोलने के लिए जरूरी साहस पर ध्यान नहीं दिया गया।”

बता दें कि, इससे पहले रविवार (14 अक्टूबर) को अकबर ने खुद सामने आकर सफाई दी थी। इस्तीफे की मांग को नजरअंदाज करते हुए अकबर ने कहा था कि उनके खिलाफ़ आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही थी।

उन्होंने कहा था, “बिना साक्ष्य आरोप लगाना कुछ वर्गों के लिए एक वायरल बुखार बन गया है। जो कुछ भी मामला है, अब मैं लौट आया हूं, मेरे वकील इन सभी आधानहीन आरोपों को देखते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे”।

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