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PMO की वजह से ट्विटर पर PM मोदी की किरकिरी, तीखी आलोचना और कांग्रेस की आपत्ति के बाद डिलीट किया ट्वीट

PMO tweet describing Chhotu Ram as Messiah of Jats

मंगलवार (9 अक्टूबर) को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोशल मीडिया पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ गया। दरअसल, पीएम मोदी ने अपने भाषण में सर छोटूराम को “किसानों का मसीहा” बताया था। लेकिन पीएमओ के ट्वीटर हैंडर से ट्वीट कर प्रधानमंत्री के हवाले से छोटूराम को किसानों की जगह “जाटों का मसीहा” बता दिया। जबकि पीएम मोदी ने ऐसा बोला ही नहीं था।

PMO tweet describing Chhotu Ram as Messiah of Jats

 

जनता का रिपोर्टर की खबर के मुताबिक, पीएम मोदी के हवाले से पीएमओ की ओर ट्वीट में कहा गया था, “ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे ‘किसानों की आवाज, जाटो के मसीहा, रहबर-ए-आजम, दीनबंधु चौधरी छोटूराम जी’ की इतनी भव्य और विशाल प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला। यहां इस सभा में आने से पहले मैं चौधरी छोटूराम जी की याद में बने संग्रहालय भी गया था।”

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सोशल मीडिया पर हुई किरकिरी

PMO के इस ट्वीट को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। सोशल मीडिया पर हुई किरकिरी और कांग्रेस की आपत्ति के बाद आखिरकार पीएमओ द्वारा इस विवादित ट्वीट को डिलीट करना पड़ा। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सबसे पहले ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधा था।

कांग्रेस नेता ने लिखा, “प्रधानमंत्रीजी! इस ट्वीट में आपने दीनबंधु रहबरे आजम सर छोटूराम को जाति के बंधन में बाँधने की कोशिश की है। यह आपकी संकीर्ण वोट बैंक राजनीति का जीता जागता सबूत है, जो जाति-धर्म के विभाजन से बाहर नहीं आती। सर छोटूराम महान नेता थे और पुरे भारत का किसान उन्हें अपना मसीहा मानता आया है।”

इसके बाद पीएमओ की ओर से ट्वीट डिलीट करने पर कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने पीएम मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “आदरणीय मोदी जी, अब @PMOIndia ने अपना ट्वीट हटा लिया। पर जाति-धर्म के बँटवारे पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली अपनी मानसिकता को एक ट्वीट मिटा कर छुपा नहीं सकते। रोज़ आपके अन्याय से त्रस्त किसान अब जाति के जुमलों से नहीं बहकने वाला। आप हरियाणा और देश के किसानों से माफ़ी माँगिये।”

PMO tweet describing Chhotu Ram as Messiah of Jats

कांग्रेस के अलावा सोशल मीडिया पर तमाम बड़ी हस्तियों ने पीएमओ के इस ट्वीट की तीखी आलोचना की। हालांकि विवाद बढ़ता देख पीएमओ द्वारा इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। इस ट्वीट पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के वकील सुखविंदर नारा ने कहा कि सर छोटू राम एक जाति विशेष नही, बल्कि किसान, मजदूर और गरीब सबके मसीहा थे।

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