Modi government right off 84272 crore corporate loan
Modi government right off 84272 crore corporate loan

Modi government right off 84272 crore corporate loan

देश के लाखों किसान अपने कर्ज माफी को लेकर सड़कों पर हैं लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के पास उनके लिए पैसे नहीं है, जबकि सरकार लगातार उद्योगपतियों का हज़ारों करोड़ का कर्ज़ माफ़ कर रही है।

न्यूज वेबसाइट बोलता यूपी.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक,  देश के बैंकों पर नॉन प्रॉफिट एसेट्स (एन.पी.ए) का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसी बढ़ते एनपीए के कारण बैंकों को हज़ारों करोड़ का घाटा हो रहा है। एन.पी.ए बैंकों का वो लोन होता है जिसके वापस आने की उम्मीद नहीं होता। इस कर्ज़ में 90% से ज़्यादा हीस्सा उद्योगपतियों का है।

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अक्सर उद्योगपति बैंक से कर्ज़ लेकर खुद को दिवालियाँ दिखा देते हैं और उनका लोन एन.पी.ए में बदल जाता है। यही उस लोन के साथ होता है जिसे बिना चुकाए नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं।

Modi government right off 84272 crore corporate loan

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सामूहिक शुद्ध घाटा 2017-18 में बढ़कर 87,357 करोड़ रुपये हो गया। ये भारत के इतिहास में सबसे ज़्यादा है। यह इतनी बड़ी रकम है कि हर भारतीय को लगभग 670 रुपए मिल सकते थे।

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इसके बावजूद सरकार उद्योगपतियों का लोन माफ़ कर रही है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) के मुताबिक, अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2017 तक सरकार ने 84,272 करोड़ का लोन राईट ऑफ कर दिया है।

Modi govt defends NPA defaulters.jpg
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कहने को तो राईट ऑफ किया गया लोन सीधे तौर पर कर्जमाफी नहीं है लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है कि राइट ऑफ किया जाए और फिर वो लोन वापस लौट आए।