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#Metoo: यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को मोदी के मंत्री एमजे अकबर ने बताया ‘वायरल फीवर’, महिला पत्रकारों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

#Metoo MJ Akbar speak

देश भर में पिछले कई दिनों से चल रहे #Metoo अभियान के तहत यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे मोदी सरकार में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने रविवार (14 अक्टूबर) को पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।

केंद्रीय मंत्री ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है। साथ ही उन्होंने उन पर इस तरह के आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। गौरतलब है कि,  MeToo के तहत करीब 9 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन महिला पत्रकारों में एक विदेश महिला पत्रकार भी शामिल हैं।

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से एक न्यूज वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक, अफ्रीका की यात्रा से लौटने के कुछ ही घंटों बाद विदेश राज्य मंत्री ने एक बयान जारी किया और इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने बयान में कहा, “मेरे खिलाफ लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढंत है। इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है।”

#Metoo MJ Akbar speak
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महिला पत्रकारों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

उन्होंने कहा कि मैं अपने ऊपर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। मेरे खिलाफ लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। ये सभी आरोप द्वेष भावना से लगाए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह आधिकारिक दौरे पर विदेश में होने की वजह से आरोपों पर पहले जवाब नहीं दे पाया। पूर्व संपादक से केंद्रीय मंत्री बने एम. जे. अकबर ने कहा, ‘कुछ तबको में बिना किसी सबूत के आरोप लगाना वायरल फीवर बन गया है। अब मैं लौट आया हूं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाए, इसके लिए मेरे वकील इन निराधार आरोपों को देखेंगे।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आम चुनाव से कुछ महीने पहले ही यह तूफान क्यों उठा? क्या इसमें कोई अजेंडा है? आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। ये झूठे, निराधार और क्रूर आरोप हैं, जिससे मेरी प्रतिष्ठा को अपूर्णीय क्षति हुई है।’ उन्होंने कहा, ‘झूठ के पैर नहीं होते, लेकिन वे जहर बुझे होते हैं।

#Metoo MJ Akbar speak

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘प्रिया रमानी ने इस कैंपेन को साल भर पहले एक मैगजीन में आर्टिकल लिखकर शुरू किया। उन्होंने मेरा नाम तक नहीं लिया क्योंकि वह जानती हैं कि यह एक झूठी कहानी है। जब उनसे हाल में पूछा गया तो उन्होंने मेरा नाम क्यों नहीं लिया। उन्होंने एक ट्वीट के जवाब में लिखा- उनका नाम कभी नहीं लिया क्योंकि उन्होंने कुछ भी नहीं किया था।’

अकबर ने आगे कहा, ‘शुतापा पॉल कहती हैं- उस आदमी ने मुझ पर कभी भी हाथ नहीं रखा। शुमा राहा कहती हैं- मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि वास्तव में उन्होंने कुछ नहीं किया था। एक और महिला अंजु भारती इस हद तक पहुंच गईं कि दावा किया कि मैं एक स्विमिंग पूल में पार्टी कर रहा था। मैं तैरना जानता भी नहीं।’

एमजे अकबर का बीजेपी में बना रहना मुश्किल

वहीं, न्यूज एजेंसी वार्ता के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अाधिकारिक सूत्रों के अनुसार अकबर का मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू करने वाली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की महिला मंत्री भी पार्टी स्तर पर इस्तीफे को देकर दबाव बना रही हैं। सूत्रों ने कहा,“सबसे अच्छा तो यही होता कि एम जे अकबर स्वयं ही इस्तीफा दे देते।”

बता दें कि, करीब 9 महिला पत्रकारों द्वारा एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लाग्ने के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है। कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत विपक्षी दलों ने अकबर के इस्तीफे देने की मांग की है।

बता दें कि, अकबर पर एेसे समय में आरोप लगे हैं जब मध्य प्रदेश में विधानसभा में चुनाव होने वाले हैं और वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। एेसे में उनका बचाव करना पार्टी के लिए कठिन हो रहा है। फिलहाल पार्टी ने इस बारे में चुप्पी साधे रखी है।

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