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नोटबंदी से हुई तबाही की मार से अब तक नहीं उबरे हैं लोग- पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

Manmohan Singh on 2 years of Demonetisation

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा देश में नोटबंदी लागू किये आज 2 साल पूरे हो गए हैं। साल 2016 में लागू इस फैसले का असर देश की अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा पड़ा है, इसका अंदाजा देश में पिछले 2 सालों के दौरान लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और नौकरी के कम होते अवसरों से चलता है। पिछले दो साल में देश में रोजगार का संकट और गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।

देश में आर्थिक मामलों की प्रमुख थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट इस बात की गवाही देती है। सीएमआईई के मुताबिक इस साल अक्टूबर में देश में बेरोजगारी की दर 6.9 फीसदी पर पहुंच गई है, जो पिछले दो सालों में सबसे ज्यादा है।

इतना ही नहीं, नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार द्वारा किए तमाम दावे झूठे साबित हुए हैं। सरकार ने कहा था कि इसके पीछे मुख्य मकसद कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है, लेकिन आरबीआई की रिपोर्ट ने सरकार के दावों पोल खोलकर रख दी है। आरबीआई के अनुसार अब तक कुल 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपए के पुराने नोट वापस आ गए हैं।

Notebandi

उल्टा, नोटबंदी के वजह से देश की जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पढ़ा। 120 लोगों की जाने चली गई। अर्थव्यवस्था को लाखों करोड़ों का नुकसान हो गया। कई छोटे उद्योग धंधे बंद हो गए। लाखों लोग बेरोजगार हो गए।

वहीं, विपक्ष नोटबंदी के दो साल पूरे होने के मौके पर मोदी सरकार जमकर निशाना साध रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को ‘‘विपदा’’ करार दिया। तो वहीं, कांग्रेस ने नोटबंदी को आजादी के बाद सबसे बड़ा ‘घोटाला’ बताया है।

Manmohan Singh on 2 years of Demonetisation

नोटबंदी से हुई तबाही की मार से अब तक नहीं उबरे हैं लोग- पूर्व पीएम 

इसी बीच , फ़र्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने के मौके पर नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा और कहा कि अर्थव्यवस्था की ‘तबाही’ वाले इस कदम का असर अब स्पष्ट हो चुका है और इससे देश का हर व्यक्ति प्रभावित हुआ. सिंह ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो.

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने 2016 में गलत ढंग से और सही तरीके से विचार किए बिना नोटबंदी का कदम उठाया था. आज उसके दो साल पूरे हो गए. भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज के साथ की गई इस तबाही का असर अब सभी के सामने स्पष्ट है.’ उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी से हर व्यक्ति प्रभावित हुआ, चाहे वह किसी भी उम्र का हो, किसी लैंगिक समूह का हो, किसी धर्म का हो, किसी पेशे का हो. हर किसी पर इसका असर पड़ा.’

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के मझोले और छोटे कारोबार अब भी नोटबंदी की मार से उबर नहीं पाए हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत, उन दिनों चल रहे 500 रुपये और एक हजार रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे।

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