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लखनऊ एनकाउंटर में झूठ बोल रही है योगी की पुलिस, जांच में खुलासा- विवेक तिवारी ने नहीं मारी थी टक्कर, फिर क्यों मारी कॉन्स्‍टेबल ने गोली?

Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 28 सितंबर को हुए विवेक तिवारी फर्जी एनकाउंटर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिससे यह पता चल रहा है कि इस एनकाउंटर को लेकर अब तक जो भी कहानी बनाई गई वो अब शक के घेरे में आ गई है।

Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case

दरअसल, पुलिस की मोटर ट्रासपोर्ट (एमटी) शाखा की जांच में सामने आया है कि उस रात पुलिस कॉन्स्‍टेबल प्रशांत चौधरी और संदीप की बाइक की टक्कर विवेक तिवारी की गाड़ी से हुई ही नहीं थी।

जांच में कहा गया कि गाड़ी का जो हिस्सा डैमेज हुआ वो अंडरपास के पिलर से टकराने से क्षतिग्रस्त हुआ था। जबकि विवेक की गाड़ी में साइड में कोई डैमेज नहीं मिला।

Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case
Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case

मुआयना करने वाली जांच टिम ने दावा किया है कि, विवेक तिवारी की अगर कांस्टेबल से बाइक की मामूली टक्कर भी हुई होती तो उसका बायाँ हिस्सा डैमेज होता जबकि वहां कोई नुकसान नही हुआ। जबकि कांस्टेबल की बाइक का दायां हैंडल टूटकर अलग हो गया और पूरी बाइक को भी नुकसान हुआ।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि, जब विवेक तिवारी की गाड़ी से टक्कर हुई ही नहीं तो फिर कॉन्स्टेबल की बाइक पूरी तरह डैमेज कैसे हुई।

Constables Prashant Chaudhary bike
Constables Prashant Chaudhary bike
Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case

वहीं, एमटी शाखा की जांच के बाद पुलिस की कहानी पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। कॉन्स्टेबल की बाइक का पूरा डैमेज होना और अब जांच में यह तथ्य सामने आना कहीं न कहीं यूपी पुलिस द्वारा इस मामले में दी गई जानकारी को शक के घेरे में खड़ा कर रही है।

Constables Prashant Chaudhary

फिर कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने क्यों मारी गोली?

बता दें, कि यह खुलासा इसलिए और भी चौंकाता है क्योंकि अभी तक इस एनकाउंटर का मुख्य आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत कह रहा था कि विवेक तिवारी ने उसपर गाड़ी चढ़ाई की कोशिश की थी। इसलिए उसने बचाव में गोली चलाई, लेकिन जांच में हुए खुलासे के बाद सवाल उठ रहा है कि अगर विवेक तिवारी ने गाड़ी नहीं चढ़ाई तो फिर कॉन्स्टेबल ने गोली क्यों चलाई?

Lucknow Vivek Tiwari fake encounter case.jpg

गौरतलब है कि, फर्जी एनकाउंटर होने के बाद पुलिस कॉन्स्‍टेबल प्रशांत चौधरी ने कहा था कि उन्होंने अपने बचाव में गोली चलाई थी। उसने कहा ‘मैंने देर रात दो बजे एक संदिग्‍ध कार को देखा, उसकी लाइटें बंद थीं।जब मैं कार के पास जांच के लिए गया तो चालक (विवेक तिवारी) ने भागने की कोशिश की और मुझपर कार चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद मैंने अपने बचाव में गोली चलाई। इसके बाद वह घटनास्‍थल से फरार हो गया।’

इस मामले में आगे क्या होगा इसका पता तो जांच के बाद ही चलेगा मगर एक निहत्थे शख्स को गोली मार देना कहां तक जायज़ था ?

 

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