‘किसानों को प्याज भले ही 2 रुपए किलो से भी कम कीमत पर बेचना पड़े लेकिन गप्पू जी किसानों की खुशहाली का झूठा राग गाते रहेंगे’- कन्हैया कुमार

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Kanhaiya Kumar slams PM Modi on Nashik Farmers
Kanhaiya Kumar slams PM Modi on Nashik Farmers

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद किसानों के कल्याण को लेकर बड़ी-बड़ी योजनाओं के उद्घाटन कर कई दावे किए, लेकिन आज वह तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हकीकत तो यह है कि मोदी सरकार में देशभर के किसान अपनी फसलों के उचित दाम और कर्ज माफी को लेकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर है।

सरकार के खिलाफ किसानों में आज भारी गुस्सा है, क्योंकि सरकार बार-बार किसानों द्वारा उठाई जा रही इन मांगों को सुनने के बजाए इन्हें साफ तौर से नज़र अंदाज कर रही है। ऐसे में विपक्ष ने मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार करार दे दिया है।

गौरतलब है कि,  हाल ही के दिनों में देशभर से आए किसानों ने अपनी फसलों के वाजिब दाम और कर्जमाफी जैसी मांग को लेकर रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक मार्च किया था। इसके बावजूद मोदी सरकार किसानों को लेकर संजीदा दिखाई नहीं दे रही है।

इसी बीच, महाराष्ट्र के नासिक में नाराज़ किसानों ने पीएम मोदी विरोध के रुप में चेक भेजा है। नवजीवन की रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल, महाराष्‍ट्र में किसानों को फसल बेचने के बाद भी उसकी लागत तक नहीं मिल पा रही है। नासिक में प्याज के दाम गिरने से किसान परेशान हैं। हालात यह है कि 1 किलो प्याज 1 रुपये में बेचने की नौबत आ गई है।

एक किसान ने तो लागत के बराबर पैसे नहीं मिलने से नाराज होकर मिले पैसे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनी आर्डर कर दिया। विरोधस्वरूप में किसानों ने 750 किलो प्याज के बदले मिले 1064 रुपये प्रधानमंत्री को भेज दिया और कहा कि इस पैसे को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दिए जाएं।

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक जिले के निफाड तहसील के निवासी संजय साठे उन कुछ चुनिंदा प्रगतिशील किसानों में से एक हैं जिन्हें केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से साल 2010 में उनकी भारत यात्रा के दौरान संवाद के लिए चुना था।

साठे ने रविवार को मीडिया से कहा, “मैंने इस मौसम में 750 किलोग्राम प्याज उपजाई लेकिन बीते हफ्ते निफाड थोक बाजार में एक रूपये प्रति किलोग्राम की दर की पेशकश की गई।” उन्होंने आगे कहा, “आखिर मैं 1.40 रूपये प्रति किलोग्राम का सौदा तय कर पाया और मुझे 750 किलोग्राम के लिए 1064 रूपये प्राप्त हुए।”

फिर गुस्से से भरपूर साठे ने कहा, “चार महीने के परिश्रम की मामूली वापसी प्राप्त होना दुखद है. इसलिए मैंने 1064 रूपये पीएमओ के आपदा राहत कोष में दान कर दिये। मुझे वह राशि मनीऑर्डर से भेजने के लिए 54 रूपये अलग से देने पड़े।” उन्होंने कहा, “मैं किसी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करता। लेकिन, मैं अपनी दिक्कतों के प्रति सरकार की उदासीनता के कारण नाराज हूं।”

इसी बीच, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने अपनी फसलों के सही दाम को लेकर परेशान किसानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है।

कन्हैया ने पीएम मोदी पर तंज़ कसते हुए ट्वीट कर लिखा, किसानों को प्याज़ भले ही दो रुपये किलो से भी कम कीमत पर बेचना पड़े लेकिन गप्पू जी उनकी ख़ुशहाली का राग गाते रहेंगे। गप्पू जी की डफली से झूठ का ही राग निकलता है।

गौरतलब है कि मोदी सरकार में देशभर में किसान फसलों के सही दाम नहीं मिल पाने को लेकर परेशान है, कर्ज के बोझ से किसान आत्मह्त्या करने को मजबूर है, अपनी मांगों के लेकर दिल्ली के सड़कों पर देशभर के किसानों विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन इन सब के बाद भी पीएम मोदी ने किसानों को लेकर कोई बयान नहीं दिया। उल्टा मोदी सरकार किसानों के कल्याण को लेकर झूठे दावे करती नज़र आती है।