India

देश में पहली बार SC के 4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मोदी सरकार में मचा हड़कंप

Historic 4 SC judges addressed media

Historic 4 SC judges addressed media

Subscribe to our Hindi TRN

शुक्रवार (12 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने प्रेस कॉन्फेंस की। बता दें कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब सुप्रीम कोर्ट के 4 मौजूदा जज किसी मुद्दे को लेकर मीडिया के सामने आए। जिसके बाद मोदी सरकार में हड़कंप मच गया है।

जुड़ें हिंदी TRN से

खबर के मुताबिक, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई ने मीडिया से बातकर शीर्ष अदालत के प्रशासन में अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए हैं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जे चेलामेश्वर के घर पर हुई।

चारों जजों में से एक जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है। उन्‍होंने कहा कि किसी भी देश के कानून के इतिहास ये बहुत बड़ा दिन है। उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्राशासनिक कार्य ठीक से नहीं हो रहा है।

ये खबर भी पढ़ें  लखमा (एक आदिवासी युवक) की कहानी और सरकारी ज़्यादती

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके काम नहीं कर रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। जिसके बाद हमें प्रेस कॉन्फेंस करना पड़ा।

मीडिया से बात करते हुए नंबर दो के जज माने जाने वाले जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा कि, ‘करीब दो महीने पहले हम 4 जजों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा और मुलाकात की। हमने उनसे बताया कि जो कुछ भी हो रहा है, वह सही नहीं है। प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। यह मामला एक केस के असाइनमेंट को लेकर था।’

ये खबर भी पढ़ें  अमित शाह ने कहा: कांग्रेस के पास नेता या नेतृत्व नहीं

चेलमेश्वर ने कहा कि हमें इस तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में कोई खुशी नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन में गड़बड़ी है। पिछले महीने में कुछ ऐसी बातें हुई हैं। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि हम पर कोई सवाल उठे और न्यायपालिका की निष्ठा पर सवाल उठे।

इसी बीच पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि किस मामले को लेकर उन्होंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि यह एक केस के असाइनमेंट को लेकर था। यह पूछे जाने पर कि क्या यह CBI जज जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत से जुड़ा मामला है, कुरियन ने कहा, ‘हां’।

वहीं, भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा इस तरह से प्रेस कॉन्फेंस करने पर मोदी सरकार में हड़कंप मच गया है। सूत्रों ने बताया कि जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुंरत बाद प्रधानमंत्री कार्यालय कानून मंत्रालय से इस संबंध में बातचीत कर रहा है।

ये खबर भी पढ़ें  TV आपको पाकिस्तान और तीन तलाक में उलझा कर रखे हुए हैं और इधर चुपके से आपकी जेब कतरी जा रही है : रवीश कुमार

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और राज्य मंत्री पीपी चौधरी को तलब किया है। जानकारी के मुताबिक, सरकार इस मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती है इसी वजह से कानून मंत्री को बुलाकर पीएम जरूरी दिशा-निर्देश दे सकते हैं।

Share this story with your friends, the truth needs to be told.

You could follow TR News posts either via our Facebook page or by following us on Twitter or by subscribing to our E-mail updates.

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

To Top