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गोरखपुर में दर्जनों मासूमों की मौत पर ‘दुखी’ ना होने वाले राज्यपाल ने लिखा- ‘बंगले की तोड़फोड़ से दुखी हूँ’

Governor Ram Naik demands investigation Akhilesh bungalow destruction

Governor Ram Naik demands investigation Akhilesh bungalow destruction

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार बंगला खाली करना पढ़ा है, लेकिन इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगला खाली करने के बाद पाया गया कि बंगले में एसी की फिटिंग समेत तमाम चीज़ें उखड़ी हुई हैं। खबरों के मुताबिक बंगले में तोड़फोड़ हुई है जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं।

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इस मामले को लेकर अब यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आखिलेश के खिलाफ कार्यवाई करने के लिए चिट्ठी लिखी है।

न्यूज वेबसाइट बोलता यूपी.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, राम नाईक ने चिट्ठी में लिखा है कि “मीडिया में सरकारी घर खाली करने से पहले तोड़फोड़ की रिपोर्ट से मैं दुखी हूँ। जनता के टैक्स के पैसों से ये बंगला बना था। इसे बर्बाद करने पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार बंगला खाली करने का आदेश सुनाया गया था। राम नाईक ने अपने आवास पर राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों की रिपोर्ट मांगी।

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राज्यपाल ने नाराजगी भरे लहजे में अधिकारियों को सक्त आदेश दिया कि “राज्य संपत्ति विभाग पूरी इमानदारी से इस मामले में जाँच करे।” वहीं उन्होंने अधिकारियों से पूछा “जब ये सब हो रहा था तो आप लोग क्या कर रहे थे?

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बता दें कि, राम नाईक यूपी के वही राज्यपाल हैं जो गोरखपुर में सैकड़ों बच्चों के मर जाने पर, ना तो वो योगी सरकार से नाराज होते हैं और ना ही अधिकारियों को सक्त कार्रवाई करने का आदेश देते हैं। राम नाईक यूपी में हो रहे फेक एनकाउंटर पर भी चुप रहते हैं और वाराणसी में पुल के नीचे दबकर मरने वालों लोगों के लिए सेतु निगम के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश भी नहीं देते।

रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते जो राम नाईक उनके हर काम में खामियां निकालते थे उन राज्यपाल को योगी सरकार में कोई खामी नजर नहीं आती। बल्कि वो एक संवैधानिक पद की गरिमा को सिर्फ एक चश्मे से देखकर उस पद का मजाक बना रहे हैं।

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हैरानी की बात यह है कि राज्य संपत्ति विभाग ने बंगले में सिर्फ तोड़फोड़ की बात कही है। विभाग ने अपने बयान में कहीं भी चोरी की न तो ज़िक्र किया है और न ही इसपर संदेह व्यक्त किया है। ऐसे में बीजेपी का बिना किसी जानकारी के सीधे अखिलेश यादव पर चोरी के गंभीर आरोप लगाना उनकी छवि को धूमिल करने से ज़्यादा कुछ नहीं लगता।

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