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‘अगर PM मोदी का विदेशों में इतना प्रभाव है तो क्यों नहीं वापस आया एक भी भगोड़ा कारोबारी’- आजाद

Ghulam Nabi Azad slams PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता संभाली है, तब से उनके विदेशी दौरे चर्चा का विषय रहे हैं। बता दें कि, पीएम मोदी विदेशी दौरे को लेकर नया रिकॉर्ड बना चुके हैं। मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद संख्या के लिहाज से स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी दूसरे प्रधानमंत्री के मुकाबले अब तक सबसे ज्यादा बहुपक्षीय और द्विपक्षीय विदेशी दौरे किए हैं।

वहीं, मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने का वादा किया था, लेकिन विदेशों से कालाधन वापस लाने के बजाए पीएम मोदी ने देश का सफ़ेद धन ही विदेश में भेज दिया है। बता दें कि, हाल ही में सूचना के अधिकार के तहत आरबीआई से मांगी गई एक जानकारी से खुलासा हुआ है कि मोदी सरकार के 4 साल के दौरान देश के बैंकों से 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले हुए हैं।

इस दौरान देश के विभिन्न बैंकों से 19000 से ज्यादा घोटाले हुए। मोदी सरकार में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या और न जाने कितने घोटालेबाज बैंकों को हजारों करोड़ का चुना लगा कर विदेश भाग चुके है। लेकिन सरकार इनमें से एक भी घोटालेबाज के खिलाफ ठीक से कार्यवाई नहीं कर पाई है और न ही उन्हें विदेश से ला सकी।

इसी बीच शनिवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर वादों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी की विदेश यात्राओं की उपयोगिता पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री घोटाला कर विदेश भागे एक भी आरोपी को वापस लाने में विफल रहे हैं।

Ghulam Nabi Azad slams PM Modi
Gulam Nabi Azad
Gulam Nabi Azad

फ़र्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार (3 अक्टूबर) को मीडिया से बातचीत में आजाद ने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री और उनकी सरकार अपने वादों पर खरा नहीं उतरी। उसने लगभग कोई वादा भी पूरा नहीं किया। दर्जनों वादे थे। कालाधन वापस लाने का वादा बड़ा था। कालाधन तो आया नहीं बल्कि नीरव मोदी, (मेहुल) चौकसी व हवाई जहाज (विजय माल्या) वाले जैसे लोग सफेद धन भी यहां से लेकर चले गए।’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मौजूदा प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और विदेशों में उनके ‘प्रभाव’ की बड़ी चर्चा होती है। लेकिन वह अपने इस कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर एक भी भगोड़े अपराधी को वापस लाने में नहीं कर पाए हैं।

आजाद ने कहा, ’70 साल के इतिहास में पंडित नेहरू से लेकर अब तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, उनमें मोदी अकेले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सबसे अधिक विदेश यात्रा की हैं। हमें उनके विदेश भ्रमण पर आपत्ति नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री कोई तफरीह के लिए नहीं घूमते. वह वहां देश का नेतृत्व करते हैं और उसकी प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं। तो इतना प्रभाव प्रधानमंत्री का होना चाहिए कि उसका लाभ देश को मिले।’

पिछले दिनों भारत छोड़ कर भागे कई व्यापारियों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘लोग करोड़ों-करोड़ रुपए लेकर भाग गए और उनमें से एक को भी केंद्र सरकार वापस नहीं ला पाई। तो प्रधानमंत्री के इतना घूमने का क्या फायदा? लोग जनता के खून पसीने की कमाई बैंकों से लेकर भाग गए और प्रधानमंत्री उनमें से एक को भी वापस लाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल सम्बद्ध देश के राष्ट्राध्यक्षों पर नहीं बना सके।’

 

 

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