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NDTV का आरोप- स्वतंत्र पत्रकारिता की वजह से निशाना बना रही है सरकार, 4,000 करोड़ रुपये के FEMA उल्लंघन के मामले में ईडी ने जारी किया नोटिस

ED issue notice NDTV

देश में जब से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से लगातार स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की कोशिश की जा रही है। एक तरफ सरकार ने भारतीय मीडिया का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर लिया है, जो सिर्फ सरकार के इशारों पर चलता नज़र आता है।

लेकिन जब कोई मीडिया संस्थान सरकार के आगे नहीं झुकता है और सरकार के खिलाफ सच को उजागर करता है तो उनपर बड़े-बड़े मुकदमे और नोटिस जारी कर उन्हें परेशान किया जा रहा रहा है।

गौरतलब है कि, हाल ही में राफेल विमान सौदों को लेकर एनडीटीवी की रिपोर्टिंग को लेकर उद्योगपति अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने अहमदाबाद की एक अदालत में निजी समाचार चैनल एनडीटीवी पर 10 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा कर दिया, जबकि एनडीटीवी ने कहा है कि अनिल अंबानी की कंपनी दबाव बनाकर मीडिया को उसका काम करने से रोक रही है।

वहीं, अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निजी टेलीविजन समाचार चैनल एनडीटीवी को कथित रूप से विदेशी विनिमय कानून (FEMA) के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह मामला करीब 4,000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।

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ईडी ने गुरुवार को बयान में कहा, ‘‘जांच में एनडीटीवी द्वारा 1,637 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन का मामला सामने आया है। इसके लिए एक अन्य मामला 2,732 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश का है।’’

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एनडीटीवी का आरोप- 

हालांकि FEMA नियमों का पालन ना करने के किसी भी तरह के आरोपों को  NDTV ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। ईडी द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर NDTV ने आरोप लगाया है कि स्वतंत्र पत्रकारिता की वजह से उसे सरकार द्वारा निशाना बना रही है।

NDTV का मानना है कि अपनी साफ़-सुथरी और स्वतंत्र पत्रकारिता की वजह से उसे निशाना बनाया जा रहा है और इसके ज़रिए दूसरे मीडिया संस्थानों को ये संकेत देने की कोशिश की जा रही है कि अगर आप हमारे रास्ते पर नहीं चले तो उनको भी इसी तरह के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।

समचाार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, फेमा के तहत एनडीटीवी के संस्थापक एवं सह चेयरपर्सन प्रणय रॉय और राधिका रॉय, पत्रकार विक्रम चंद्रा और कुछ अन्य को नोटिस जारी किया गया है।

जिन कंपनियों पर फेमा के उल्लंघन का आरोप है उनमें एनडीटीवी लाइफस्टाइल होल्डिंग्स (अब लाइफस्टाइल एंड मीडिया होल्डिंग्स), साऊथ एशिया क्रिएटिव एसेट्स लि., एस्ट्रो ओवरसीज लि., एनडीटीवी इमेजिन लि. (अब टर्नर जनरल एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स इंडिया) शामिल हैं।

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