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सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद मोदी सरकार ने मोबाइल कंपनियों को सिम कार्ड के बदले आधार का इस्तेमाल बंद करने का दिया निर्देश

DoT directs telcos stop using aadhar

मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फटकार लगाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस संबंध में नया निर्देश जारी किया है। जिसके मुताबिक मोबाइल फोन कंपनियां अब ग्राहक से किसी भी सूरत में ना आधार मांग पाएंगी और ना ही उनका ई-केवाईसी कर सकेंगी।

केंद्र सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को सिम कार्ड के लिए ग्राहकों के आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया को बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को इसे समयबद्ध तरीके से लागू कर 5 नवंबर तक रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है।

बता दें कि, 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आधार पर ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाते हुए कहा था कि आधार कार्ड/नंबर को बैंक खाते से लिंक/जोड़ना अनिवार्य नहीं है। इसी तरह टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों से सिम कार्ड के बदले होने वाले सत्यापन के लिए उनका आधार नहीं मांग सकतीं। केंद्र सरकार ने SC के इसी फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किया है।

गौरतलब है कि, कांग्रेस ने आधार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि, यह ‘बीजेपी के मुंह पर तमाचा’ है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार ने आधार कानून को ‘निजी कंपनियों का अधिकार कानून’ बना दिया था।

DoT directs telcos stop using aadhar

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा था, ‘यह बहुत बड़ी जीत है। उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी जी ने बिना सोचे-समझे नोटबंदी की, फिर इसी तरह जीएसटी लागू कर दिया, राफेल खरीद लिया। आधार कानून को लेकर भी बिना सोचे-समझे कदम उठाया।’

वहीं, भाषा के हवाले एक न्यूज़ वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सिम कार्ड के लिए आधार का इस्तेमाल नहीं करने को लेकर दूरसंचार विभाग ने (डीओटी) ने तीन पेज का सर्कुलर मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को जारी किया है।

दूरसंचार विभाग की ओर से कहा गया है कि मोबाइल कंपनियां नया कनेक्शन देने के लिए आफलाइन मोड में आधार को भौतिक सत्यापन कर सकती हैं। विभाग की ओर से मोबाइल कंपनियों को नया सिम कार्ड लेने के दौरान भरे जाने वाले फॉर्म में आधार नंबर के लिए दिया गया कॉलम भी हटाने का निर्देश दिया गया है।

दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, ‘भारत में मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियां पुराने ग्राहकों और नए मोबाइल कनेक्शन के लिए आधार की ई-केवाईसी का इस्तेमाल नहीं करेंगी। कंपनियां इसे समयबद्ध तरीके से लागू करें और पांच नवंबर तक इस संबंध में रिपोर्ट दें।’ बता दें कि, ई-केवाईसी यानी अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक्स देकर अपनी वेरिफिकेशन ऑनलाइन करवाना।

 

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