योगी के मंत्री का विवादित बयान, कहा- ‘राम मंदिर निर्माण की देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट दोषी’, RJD बोलीं- चुनाव करीब है दिखाने के लिए काम नहीं, तो लगे SC को ही कोसने’

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Dharmpal Singh controversial remarks on Ram Mandir
Dharmpal Singh controversial remarks on Ram Mandir

Dharmpal Singh controversial remarks on Ram Mandir

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हमेशा की तरफ राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर राजनीति करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते पार्टी नेताओं की और से इस मुद्दे पर विवादित बयान भी आने शुरू हो गए है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की हिमायत करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने विवादित बयान दिया हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट को जिम्मेदार ठहराया है।

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट  के मुताबिक, शाहजहांपुर पहुंचे सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने राम मंदिर पर बयान देते हुए कहा कि सभी लोग और जज भी जानते हैं कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है, पर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोताही बरत रहा है। मंदिर निर्माण में हो रही देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट दोषी है। ये मेरी समझ में नहीं आता कि कोर्ट ऐसा कैसे कर सकता है। धर्मपाल सिंह नहरों की सिल्ट सफाई की प्रगति का जायजा लेने शाहजहांपुर पहुंचे थे।

धर्मपाल सिंह ने आगे कहा, पिछला चुनाव नरेंद्र मोदी ने विकास के नाम पर लड़ा और उनका नारा था ‘सबका साथ सबका विकास’। लेकिन जब हम राम का नाम लेते हैं तो आप लोग कहते हो राम के नाम पर वोट मांग रहे हो और जब नाम न लो तो कहते हो राम को भूल गए। धर्मपाल सिंह ने कहा कि जो सब में रमण करता है वो राम हैं और अयोध्या में राम का भव्य मंदिर बनेगा।

Dharmpal Singh controversial remarks on Ram Mandir

वहीं, धर्मपाल सिंह के इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “ये तीन दशक से राम मंदिर मुद्दे को देश को भड़काने, भटकाने और विभाजित कर सत्ता पाने का रास्ता बनाए हुए थे! जब चुनाव नज़दीक हैं तो दिखाने के लिए काम नहीं और सर छुपाने के लिए राम नाम नहीं! तो लगे सर्वोच्च न्यायालय को ही कोसने! अगली बार ये भगवान राम को भी कोसेंगे!”

गौरतलब है कि, जब भी देश में चुनावी माहौल होता है, बीजेपी अपनी धर्म की राजनीति करना शुरू कर देती है। बीजेपी के लिए सबसे बड़ा वोट बैंक तो राम मंदिर का मुद्दा रहा है। 2014 में भी भाजपा ने बड़े ज़ोर शोर से राम मंदिर का मुद्दा उठाया था। हिन्दू समाज से झूठे वादे कर सत्ता में भी आ गई , लेकिन जो वादे किए थे वो अब तक पूरे नहीं किए। ऐसे में अब 2019 लोकसभा चुनाव के चलते भाजपा एक बार फिर वही राजनीति कर रही है। स्पष्ट है कि सिर्फ जनता को अहम मुद्दों से भटकाने, भड़काने और विभाजित करने के लिए बीजेपी यह मुद्दा उठाती है।