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रिश्वतकांड: देश में पहली बार CBI ने अपने ही ऑफिस में की छापेमारी, डिप्टी SP देवेंद्र कुमार गिरफ्तार, कांग्रेस बोलीं- जो हम 60 साल में न कर पाए वो मोदी ने 5 साल में कर दिया

CBI corruption case

‘न खाऊंगा न खाने दूंगा’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल, सीबीआई के सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि, मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले राजनीतिक दलों में ही फूट पड़ती थी मगर अब जांच एजेंसी सीबीआई के ही दो टुकड़े हो चुके हैं। जहां नंबर एक और दो आपस में भीड़ चुके हैं।

RAKESH-ASTHANA-PM-NARENDRA-MODI-AND-ALOK-VERMA
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यहां पर नंबर एक यानी अलोक वर्मा ने नंबर दो यानी राकेश अस्थाना पर 3 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है और उनके सहयोगी डिप्टी एसपी देवेन्द्र कुमार को मोईन कुरैशी से संबधों के चलते गिरफ्तार कर लिया है। जिस मामले में देवेन्द्र की गिरफ़्तारी हुई उसमें सबसे पहला नाम राकेश अस्थाना का है और दूसरे नंबर पर नाम देवेन्द्र का है मगर अलोक वर्मा ने घूसखोरी में लिप्त और पीएम मोदी के करीबी कहे जाने राकेश अस्थाना को गिरफ्तार नहीं किया।

CBI_Central_Bureau_investigation
CBI_Central_Bureau_investigation

सीबीआई सूत्रों ने सोमवार को बताया कि देवेन्द्र कुमार को मोईन कुरैशी मामले में एक गवाह सतीश साना के बयान में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ़तार किया गया है। बता दें कि, देश के इतिहास में ये पहली बार है कि किसी जांच एजेंसी ने अपनी जांच एजेंसी के खिलाफ छापेमारे की है।

वहीँ इस मामले पर सीबीआई ने अपना मत रखते हुए कहा कि ये आरोप मिथ्या और दुर्भावनापूर्ण’ है उन्होंने कहा कि ये पूरा मामला कॉल रिकॉर्ड और वाट्सएप मैसेज पर आधारित है। बता दें कि सीबीआई के दूसरे क्रम के अधिकारी और विशेष निदेशक (स्पेशल डायरेक्टर) राकेश अस्थाना पर तीन करोड़ रुपये घूस लेने के आरोप लगने के बाद सनसनी फैल गई है।

इससे पहले रविवार को एक अप्रत्याशित कदम के तहत सीबीआई ने अपने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ मोइन कुरैशी से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

CBI corruption case
Congress attacks PM Modi
Congress attacks PM Modi

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस मामले पर कांग्रेस लगातार सीबीआई और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रही है। कांग्रेस की तरफ से सोमवार (22 अक्टूबर) को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सांसद सचिन पायलट ने कहा कि सीबीआई में आरोप-प्रत्यारोप पर भारत सरकार मौन है, सीबीआई की विश्वसनीयता समाप्त होती जा रही है, जो शीतयुद्ध आज प्रकट होकर सामने आ रहा है उससे स्पष्ट होता है कि आरोप-प्रत्यारोप सिर्फ सीबीआई अफसरों तक ही सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सीबीआई का खुद का दामन साफ नहीं है तो किस मुंह से भारत सरकार और सीबीआई अब भ्रष्टाचार वाले मामलों की जांच कर सकती है? कांग्रेस नेता ने कहा कि इसकी पृष्ठभूमि को देखा जाए तो समझ में आयेगा कि सरकार के माध्यम से हस्तक्षेप हो रहा है और भारी भ्रष्टाचार करने वालों को बचाने की साजिश सीबीआई के अंदर रची गयी थी।

वहीं, प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी मोदी सरकार पर तंज कसा है। सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर लिखा- एक ऐसा काम जो कांग्रेस 60 साल में न कर पाई, पर मोदीजी ने पांच साल में कर दिखाया! वाह मोदीजी वाह।

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निशाना साधा। राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा ‘पीएम के पसंदीदा, गुजरात कैडर अधिकारी, गोधरा एसआईटी के चर्चित, सीबीआई में नंबर-2 पद पर घुसपैठ करने वाले, अब रिश्वतखोरी कांड में फंस गए हैं। मौजूदा प्रधानमंत्री की कमान में सीबीआई राजनीतिक दुश्मनी निभाने का हथियार बन गई है। यह संस्था लगातार गिरावट की ओर है जो खुद से खुद की लड़ाई लड़ रही है।’

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