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‘राफेल सौदे की जांच के डर से PM मोदी ने CBI चीफ आलोक वर्मा को जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया’- कांग्रेस

CBI controversy Alok Verma Rafale deal

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के राज में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विश्वसनीयता और ईमानदारी खतरे में है। दरअसल, देश के इतिहास में पहली बार सीबीआई के दो बड़े अफसरों ने एक दूसरे पर भष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

rakesh asthana and alok verma
rakesh asthana and alok verma

जहां एक तरफ तो सीबीआई डायरेक्टर अलोक वर्मा ने अपनी ही संस्था के नंबर 2 अफ़सर स्पेशल डायरेक्टर व पीएम मोदी के करीब बताए जाने वाले राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ 3 करोड़ की रिश्वतख़ोरी के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है, तो दूसरी तरफ़ अस्थाना ने सीबीआई के नंबर एक डायरेक्टर आलोक वर्मा के ख़िलाफ़ कई मामलों में करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने संबंधी शिकायत कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजी है।

RAKESH-ASTHANA-PM-NARENDRA-MODI-AND-ALOK-VERMA
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सीबीआई में जारी इस घमासान के बीच मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई पर नियंत्रण को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि, मोदी सरकार में सीबीआई का राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार” के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि, मोदी सरकार ने सीबीआई डायरेक्टर अलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। रातों रात आलोक वर्मा की जगह एम नागेश्वर को अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया गया है।

एम नागेश्वर ने पदभार संभालते ही एक दर्जन से अधिक अधिकारियों का ट्रान्सफर कर दिया। इन अधिकारियों में सीबीआई डीएसपी अजय बस्सी का नाम भी शामिल है। डीएसपी अजय राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज केस की जांच कर रहे थे।

alokverma
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वहीं, सीबीआई में रातों-रात किए गए इस ट्रान्सफर से विपक्षी दलों ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इस मामले को सीधे राफेल डील से जोड़ दिया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि CBI चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे। जिस वजह से उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने बुधवार (24 अक्टूबर) को ट्वीट कर लिखा है, “CBI चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का मैसेज एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द गिर्द आएगा- हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा। देश और संविधान खतरे में हैं।”

Rafale
Rafale

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि क्योंकि अलोक वर्मा के पास बैंकिंग घोटाले से लेकर राफेल डील तक मामले की जांच करने वाले थे इसलिए उन्हें पद से हटाया गया और उनके अधिकारियों का ट्रान्सफर किया गया है।

इस मामले पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सीबीआई की आजादी में आखिरी कील ठोक दी है अब सीबीआई का व्यवस्थित विध्वंस और बदनामी अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अलोक वर्मा नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या मामले में सख्ती बरत रहे थे। इसलिए मोदी सरकार ने उन्हें हटा दिया।

दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को भी लगता है कि आलोक वर्मा को हटाए जाना और राफेल डील में कुछ तो संबंध है। अपने ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा है, ‘क्या राफेल डील और आलोक वर्मा को हटाने के बीच कोई संबंध है? क्या आलोक वर्मा राफले में जांच शुरू करने जा रहे थे, जो मोदी जी के लिए समस्या बन सकती थी?

वहीं, मोदी सरकार के सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा खुद को छुट्टी पर भेजे जाने वाले सरकारी फैसले से अहसमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुके है।जिसकी सुनवाई अब 26 अक्टूबर को होगी मगर मोदी सरकार के इस फैसले से फिलाहल अब कई सवाल उठने लगे है क्या सरकार राकेश अस्थाना का बचाव करने में लगी हुई है।

 

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