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BJP सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से किया इनकार, कहा- 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाऊंगा

BJP MP Chintamani opposes SC crackers verdict

देश की सर्वोच्च अदालत ने दिवाली से ठीक पहले पटाखों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया है, हालांकि कोर्ट ने इसके साथ कुछ शर्तों के साथ पटाखा बिक्री को मंजूरी दे दी है, जिसे ना सिर्फ आम लोगों को बल्कि दुकानदारों को भी मानना होगा। बता दें कि, जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया है।

Supreme Court
Supreme Court

खबर के मुताबिक मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह रोक से इनकार करते हुए कड़ी शर्तों के साथ दिवाली पर कम प्रदूषण वाले ग्रीन पटाखों को रात 8 से 10 बजे तक चलाने की इजाज़त दी है। कोर्ट ने कहा, ऑनलाइन पटाखों पर लगी रोक अब भी जारी रहेगी, जिन विक्रेताओं के पास लाइसेंस है केवल वही पटाखे बेच सकते हैं।

firecrackers
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अगर कोई पटाखे की ऑनलाइन बिक्री करता है तो उसके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलेगा, दिवाली से पहले पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री की जांच की जाए, साथ ही नए साल और क्रिसमस पर भी रात 11:55 से 12:30 बजे तक ही पटाखे चला सकते हैं, दिवाली पर पटाखे चलाने से रोक नहीं, लेकिन ये शर्ते सभी को माननी होंगी।

BJP MP Chintamani opposes SC crackers verdict

लेकिन कई बार अपने विवादित बयानों के चलते मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले मध्यप्रदेश के उज्जैन से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद डॉ चिंतामणी मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रात आठ से 10 बजे के बीच पटाखे चलाने के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। बीजेपी सांसद ने कहा, वे रात 10 बजे बाद ही पटाखे चलाएंगे।

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पटाखों की बिक्री पर मंगलवार (23 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट का इस बारे में फैसला आने के बाद बीजेपी सांसद डॉ चिंतामणी मालवीय ने सोशल मीडिया पर इस बारे में एक पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं अपनी दीवाली अपने परम्परागत तरीके से मनाऊंगा और रात में लक्ष्मी पूजन के बाद 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाऊंगा। हमारी हिन्दू परंपरा में किसी की भी दखलंदाजी में हरगिज बर्दाश्त नही कर सकता। मेरी धार्मिक परम्पराओं के लिए यदि मुझे जेल भी जाना पड़े तो खुशी खुशी जेल भी जाऊंगा।”

वहीं, बीजेपी सांसद के इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक अलका लांबा ने कहा कि, “दोष इसका नही है, दोष BJP का है कि ऐसे जाहिलों को टिकट देती है और जनता ऐसों को अपना क़ीमती वोट देती है.. भुगतना सबको पड़ता है। क़ानून तो इनकी जेब में है।”

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