Banks cuts 11500 cr minimum balance penalty
Banks cuts 11500 cr minimum balance penalty

Banks cuts 11500 cr minimum balance penalty

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के राज में गरीब होना भी एक गुनाह हो गया है। जहां, उद्योगपति बैंकों में हजारों करोड़ के घोटाले कर रहे हैं ,वहीं सरकार आम नागरिक द्वारा बैंकों में कम जमा रखने पर उनसे जुर्माना वसूल रही है।

गौरतलब है कि, बैंकों ने पिछले चार साल में आम आदमी के बैंक खातों से हज़ारों करोड़ रुपयें उड़ा लिए हैं। देश में 24 बैंक आम जनता के बैंक खातों से 11,500 करोड़ रुपियें जुर्माने के तौर पर काट चुके हैं।

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न्यूज वेबसाइट बोलता यूपी.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बात शुक्रवार को वित्तीय मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि बैंकों ने 2014-15 से 2017-18 तक 11,500 करोड़ रुपियें मिनिमम बैलेंस के रूप में वसूले हैं। मतलब अगर आप अपने बैंक खाते में तय सीमा से कम पैसा रखोगे तो बचे कुचे पैसे भी काट लिए जाएँगे।

Banks cuts 11500 cr minimum balance penalty

ये मामले पिछले साल भी गरमाया था। जब एसबीआई बैंक खाताधारकों पर इस तरह का जुर्माना लगाया हो। एसबीआई ने मिनिमम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों से 1771 करोड़ रुपये चार्ज के तौर पर वसूले थे।

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मिनिमम बैलेंस के तौर पर वसूला गया यह चार्ज एसबीआई की उस साल की दूसरी तिमाही के नेट प्रोफिट 1,581.55 करोड़ रुपये से भी ज्यादा था।

बैंकों में इस तरह का पैसे काटने का माहौल बढ़ता जा रहा है। कुछ महीने पहले ही ग्राहकों की एक चूक से भारतीय स्टेट बैंक ने पिछले 40 माह में 38 करोड़ 80 लाख रुपये की कमाई कर ली थी।

ये पैसे बैंक ने सिर्फ चेक पर हस्ताक्षर नहीं मिलने की वजह से खाताधारकों के खाते से कटे थे।। इतना ही नहीं सरकार ने इसपर जीएसटी लगाकर रकम को और बढ़ा दिया था।।

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