Press "Enter" to skip to content

अमृतसर: चंद सेकेंड में सैकड़ों लोगों को कुचलते हुए गुजर गई तेज रफ्तार ट्रेन, आंसुओं के सैलाब में डूबे परिजन, घायलों ने बयां किया दर्द

पंजाब के अमृतसर में बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक की दशहरा उत्सव की ख़ुशियां शुक्रवार (19 अक्टूबर) को तब मातम में बदल गईं जब एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 लोग बुरी तरफ घायल हो गए। यह हादसा दिल दहला देने वाला है।

खबर के मुताबिक, अमृतसर में जोड़ा फाटक के निकट शुक्रवार शाम को रावण दहन देखने के लिए रेल की पटरियों पर खड़े लोग एक ट्रेन की चपेट में आ गए जिसमें कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई। जोड़ा फाटक पर जब यह हादसा हुआ उस समय पटरियों से सटे मैदान में ‘रावण दहन’ देखने के लिए कम से कम 300 लोग जमा हुए थे।

इस दर्दनाक हादसे से पूरा देश दुखी है।  वहीं, इस हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं रहे।

Amritsar-Train-Accident-PTI
अमृतसर स्थित श्मशान घाट में शनिवार को ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के रोते-बिलखते परिजन. (फोटो: पीटीआई)

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के निवासी विजय कुमार वह दृश्य याद कर अभी भी सिहर उठते हैं जब उन्होंने अपने 18 साल बेटे के कटे हुए सिर की फोटो अपने व्हाट्सऐप पर तड़के तीन बजे देखी। विजय के दो बेटो में से एक आशीष भी घटनास्थल पर था। उसकी जान बच गई लेकिन दूसरा बेटा मनीष उतना खुशकिस्मत नहीं निकला।

विजय को जब इस हादसे का पता चला तो वह अपने बेटे की तलाश में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। फिर अचानक उनके फोन के व्हाट्सऐप पर एक फोटो आई जिसमें उनके बेटे का कटा हुआ सिर था।

Amritsar
Amritsar

इस तलाश में उन्हें एक हाथ और एक पैर मिला लेकिन वह उनके बेटे का नहीं था। रूंधे गले से विजय बताते हैं, ‘मनीष नीली जींस पहने हुए था, यह पैर उसका नहीं हो सकता। मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई।’

इस ह्रदय विदारक घटना के समय वहां मौजूद रहीं सपना को सिर में चोट आई है। उन्होंने बताया कि वह रावण दहन का घटनाक्रम व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए अपने पति को दिखा रही थीं।

जब पुतले में आग लगी तो लोग पीछे हटने लगे और पटरियों के करीब आ गये। जब ट्रेन करीब पहुंच रही थी तो लोग पटरी खाली करने लगे और दूसरी पटरी पर आ गये। इतने में एक और ट्रेन तेज गति से वहां आ गई और फिर भगदड़ मच गई।

सपना ने इस हादसे में अपनी रिश्ते की बहन और एक साल की भतीजी को खो दिया। वह बताती हैं कि अफरातफरी में लोग इधर उधर भागने लगे और बच्ची पत्थरों पर जा गिरी और उसकी मां को लोगों को पैरों तले रौंद दिया।

Amritsar-Train-Accident-PTI
शुक्रवार को अमृतसर में हुए हादसे के बाद शनिवार को रेल पटरी पर जुटे लोग. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी और दिहाड़ी मजदूर 40 साल के जगुनंदन को सिर और पैर में चोट आई है। उन्होंने बताया कि वह घटना के समय पटरियों पर नहीं थे लेकिन जब रावण जलने लगा तो आगे की तरफ मौजूद भीड़ पीछे हटने लगी और वह भी धक्का खाते हुए पीछे हो गए।

अपनी मां परमजीत कौर के साथ रावण दहन देखने गई सात साल की खुशी की आंखों के सामने वह दर्दनाक मंजर अभी भी तैर रहा है। वह उस वक्त पटरियों पर गिर गई थी और उसे सिर में चोट लग गई।

PTI10_20_2018_000013B
अमृतसर के सिविल अस्पताल में पीड़ित परिजन. (फोटो: पीटीआई)

घायल हुये कई लोगों ने उस क्षण को याद करते हुये बताया कि उन्हें वहां आ रही ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया। एक और ट्रेन कुछ देर पहले ही वहां से गुजरी थी। पटाखों के शोर में ट्रेन की आवाज दब गई।

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अमृतसर ट्रेन हादसे में घायल हुए लोगों से और मारे गये लोगों के परिजनों से मिलने के बाद घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये हैं।

भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमरिंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की घोषणा करते हैं।’ उन्होंने कहा कि दोषी का पता लगाने वाली रिपोर्ट चार सप्ताह में देने को कहा गया है, जालंधर के संभागीय आयुक्त को जांच कराने का काम सौंपा गया है।

Facebook Comments
More from IndiaMore posts in India »

Be First to Comment

%d bloggers like this: