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सबरीमाला विवाद: BJP अध्यक्ष अमित शाह ने सूप्रीम कोर्ट को दी चेतावनी, पी विजयन बोले- यह संविधान पर हमला है, मायावती ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

Amit Shah Sabarimala remark Supreme Court

केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार (27 अक्टूबर)  को सबरीमाला मंदिर को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि, सुप्रीम कोर्ट को ऐसे फैसले नहीं देना चाहिए, जिनको लागू नहीं किया जा सकता हो। वहीं, बीजेपी के लिए अमित शाह का बयान सिर्फ एक अपील है लेकिन शाह के बयान के बाद राजनीति  गरमा गई है।

BJP अध्यक्ष की सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी-

Amit Shah's Sabarimala remark
Amit Shah’s Sabarimala remark

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को केरल के कन्नूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए संघ के स्वंयसेवकों और भाजपा के कार्यकर्ताओं को दो टूक अंदाज में कहा कि वे सबरीमाला मंदिर में दस से 50 साल की उम्र तक की महिलाओं के प्रवेश के विरोध में आंदोलन जारी रखें, भाजपा उनके साथ है।

उन्होंने साफ तौर पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानने का निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि अदालत को ऐसे फैसले नहीं देने चाहिए, जो लागू नहीं हो सकते हों। इस दौरान अमित शाह ने केरल के मुख्यमंत्री को सबरीमाला मंदिर के श्रद्धालुओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी भी दी थी।

अमित शाह ने कहा था, ‘मैं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को चेतावनी देने आया हूं कि अगर आपने दमन का कुचक्र बंद नहीं किया किया, तो बीजेपी का कार्यकर्ता आपके सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा। आपकी सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकेगी।’

Amit Shah's Sabarimala remark
Amit Shah’s Sabarimala remark

गौरतलब है कि, बीजेपी अध्यक्ष के इस बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि, अगर अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के मनलायक फैसला नहीं सुनाया तो क्या होगा? या अगर सर्वोच्च अदालत ने राफेल विमान सौदे की एसआईटी जांच की मंजूरी दे दी तो क्या होगा?

कहीं ऐसा तो नहीं है कि इन दो मामलों में सर्वोच्च अदालत को भाजपा के मन लायक फैसला देने के लिए मजबूर करने के मकसद से भाजपा अध्यक्ष ने चेतावनी दी?

बता दें कि, सुपीम कोर्ट के आदेश पर ही मुंबई में हाजी अली दरगाह के अंदर महिलाओं के प्रवेश की अनुमति मिली है। महाराष्ट्र के ही शनि शिंगणापुर में भी महिलाओं के प्रवेश की मंजूरी अदालत ने दी। ऐसा ही आदेश सबरीमाला के लिए भी सर्वोच्च अदालत ने दिया है।

सबरीमाला मंदिर पर सूप्रीम कोर्ट का फ़ैसला-

sabarimala temple SC verdict
sabarimala temple SC verdict

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में पहाड़ी पर स्थित ब्रह्मचारी भगवान अय्यपा के मंदिर में रजोधर्म की उम्र (10-50 वर्ष) वाली महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को हटा दिया। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद से विजयन सरकार मंदिर में प्रवेश की आकांक्षी महिलाओं को पूरी मदद कर रही है।

लेकिन भाजपा सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मानने को तैयार नहीं है। केरल में भाजपा इसी विवाद के बहाने ध्रुवीकरण के प्रयास कर रही है और अपने राजनीतिक लाभ के लिए वह सुप्रीम कोर्ट की साख खत्म कर रही है।

खबर के मुताबिक, श्रद्धालुओं ने 16-22 अक्टूबर के दौरान सख्त विरोध करके करीब दर्जनभर महिलओं को मंदिर के गर्भ-गृह में जाने से रोक दिया, जबकि उनकी सुरक्षा के लिए वहां पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किया गया था।

पी विजयन ने शाह के बयान को बताया ‘संविधान पर हमला’-

Pinarayi Vijayan slams Amit Shah
Pinarayi Vijayan slams Amit Shah

वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सबरीमाला मंदिर विवाद पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, बीजेपी अध्यक्ष का सबरीमाला मामले पर बयान संविधान और कानून के खिलाफ़ है।

उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर को लेकर अमित शाह ने कन्नूर की रैली में जो बयान दिया है, उससे उनके एजेंडे का मकसद साफ हो गया है। उनके एजेंडे में मौलिक अधिकारों की गारंटी नहीं हैं। उनका बयान आरएसएस और संघ परिवार के एजेंडे को दर्शाता है। विजयन ने कहा, “महिलओं को प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने के बयान से जाहिर होता है कि वे (भाजपा) पुरुष वर्चस्व के पक्षधर हैं।

सीएम विजयन ने अमित शाह पर केरल सरकार को गिराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार को गिराने की धमकी देने वाले अमित शाह को याद रखना चाहिए कि यह सरकार बीजेपी की दया पर सत्ता में नहीं आई है। यह सरकार जनादेश हासिल करके सत्ता में आई है। अमित शाह का मैसेज जनादेश को नुकसान पहुंचाने वाला है।’

मायावती ने शाह के बयान को बताया ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’-

Mayawati attacks Amit Shah
Mayawati attacks Amit Shah

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी सुप्रीम कोर्ट पर अमित शाह के बयान को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बयान अति निंदनीय है। न्यायालय को इस बयान को संज्ञान में लेना चाहिए। केंद्र में सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष के मुंह से दिए गए इस बयान से साफ है कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। 

उन्‍होंने कहा क‍ि सीबीआई, सीवीसी, ईडी, आरबीआई जैसी अहम स्वायत्तशासी संस्थाओं में जो गंभीर संकट का दौर चल रहा है, वह सरकार के अहंकार का ही दुष्परिणाम है। मायावती ने कहा कि देश संविधान से चलता है और इसी आधार पर आगे भी चलेगा। इसके बावजूद सत्ताधारी पार्टी का नेतृत्व उत्तेजक भाषणबाजी करके राजनीति की रोटियां सेकने का प्रयास बार-बार कर रहा है।

मायावती ने कहा क‍ि सबरीमाला मंदिर मामले में अमित शाह इतना भड़काऊ और असंवैधानिक भाषण देकर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हो रहे चुनावों में धर्म का इस्‍तेमाल करना चाहते हैं। सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यदि बीजेपी को आपत्ति भी है तो इसके लिए सड़कों पर तांडव करने, हिंसा फैलाने, केरल सरकार को बर्खास्त करने की धमकी देने जैसा गलत रवैया नहीं अपनाना चाहिए। कानूनी तौर पर अपनी बात रखनी चाहिए।

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