India

राष्ट्रपति की दौड़ मे रहे वैज्ञानिक को राज्यसभा भेज सकती है आम आदमी पार्टी

aap nominate MS Swaminathan

दिल्ली : आम आदमी पार्टी अगले साल फरवरी में होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी में बाहर के लोगों को टिकट देने पर विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी राज्यसभा भेजने के लिए दो बड़े नामों पर विचार कर रही है। जिन दो नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें रघुराम राजन और डॉ एम एस विश्वनाथन का नाम भी शामिल है।

Subscribe to our Hindi TRN

ज्ञात रहे कि दिल्ली से 3 राज्यसभा सांसद मनोनीत होने हैं। और तीनों ही सीट आम आदमी पार्टी को तय करनी हैं। पार्टी के उच्च सूत्रों के अनुसार अलग अलग क्षेत्रो के विशेषज्ञों को उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद उम्मीदवार हो सकते हैं।

लेकिन अब सूत्रों से जो खबरें निकलकर सामने आ रही हैं, उनके अनुसार पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन और एम एस स्वामिनाथन को राज्य सभा भेजने पर आम आदमी पार्टी विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा करने से पार्टी के भीतर की गुटबाजी पर भी रोक लगेगी। पार्टी के बड़े नेता कुमार विश्वास खुलकर अपने लिए राज्यसभा सीट मांग चुके हैं।

अगर पार्टी बाहर के लोगों को मनोनीत करने का फैसला लेती है, तो उनके लिए भी खुद के लिए दबाव बनाना मुश्किल हो जाएगा। गौरतलब है कि पिछले ही हफ्ते कुमार विश्वास ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के कुछ नेता राज्यसभा का टिकट पाने के लिए विधायकों के साथ सांठगांठ कर रहे हैं। कुमार विश्वास इस बात से नाराज हैं क्योंकि उनको बीजेपी का एजेंट कहने वाले विधायक अमानतुल्ला खान का निलंबन वापस कर लिया गया है।

ये खबर भी पढ़ें  कन्‍हैया कुमार ने बाबा साहब को खत लिखा है,यह ख़त आप ज़रूर पढ़ें

जानिए, कौन हैं एम एस स्वामिनाथन

एम एस स्वामिनाथन का जन्म 7 अगस्त 1925 को कुम्भकोणम, तमिलनाडु में हुआ था। वे पौधों के जेनेटिक वैज्ञानिक हैं। जिन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। उन्होंने 1966 में मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूं के संकर बीज विकिसित किए।

उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1972 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ‘हरित क्रांति’ कार्यक्रम के तहत ज़्यादा उपज देने वाले गेहूं और चावल के बीज ग़रीब किसानों के खेतों में लगाए गए थे। इस क्रांति ने भारत को दुनिया में खाद्यान्न की सर्वाधिक कमी वाले देश के कलंक से उबारकर 25 वर्ष से कम समय में आत्मनिर्भर बना दिया था।

ये खबर भी पढ़ें  14 साल के मुस्लिम लड़के ने किया हैरत अंगेज काम

उस समय से भारत के कृषि पुनर्जागरण ने स्वामीनाथन को ‘कृषि क्रांति आंदोलन’ के वैज्ञानिक नेता के रूप में ख्याति दिलाई। एम एस स्वामीनाथन को ‘विज्ञान एवं अभियांत्रिकी’ के क्षेत्र में ‘भारत सरकार’ द्वारा सन 1967 में ‘पद्म श्री’, 1972 में ‘पद्म भूषण’ और 1989 में ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।

ये भी पढ़ें: इन्दिरा गांधी की हत्या पर वामसेफ के वामन मेश्राम का सनसनी खेज लेख

Share this story with your friends, the truth needs to be told.

You could follow TR News posts either via our Facebook page or by following us on Twitter or by subscribing to our E-mail updates.

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

The Resistance News is an independent online media initiative with a difference bringing to you news, views, special reports and insight

Features covering every sphere of human activity — from politics to business and from society to culture and sports.

Copyright © 2017 The Resistance News. Except where otherwise noted, this website is licensed under a Creative Commons Attribution 3.0 Unported License. Content from Facebook is governed by Facebook License for posts that are shared publicly.

To Top