अमिताभ बच्चन की असल ज़िंदगी में भी.. सुनिए बिलकुल नई कहानी

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अमिताभ बच्चन की बिनानी सीमेंट ‘सदियों’ के बजाय साल में निपट गई! जिधर भी देखो, अपने यहां ठग ही ठग भरे पड़े हैं। निराला ने दशकों से पहले लिखा था– खुला भेद विजयी कहाए हुए जो / लहू दूसरों का पिए जा रहे हैं। इसी हफ्ते आई फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में अमिताभ बच्चन ने अहम भूमिका निभाई है।

अमिताभ की असल ज़िंदगी में भी ठगी की कोई कमी नहीं। एकाध साल पहले तक ‘सदी के महानायक’ बच्चन साहब जिस बिनानी सीमेंट को पीढ़ियों की भावुक याद में भिगोकर ‘सदियों के लिए’ बता रहे थे, वही बिनानी सीमेंट करीब 4000 करोड़ रुपए के ऋण समेत लगभग 6000 करोड़ रुपए की देनदारी से दबी हुई है। उसे बेचने की पुरजोर कोशिशें चल रही हैं। हो सकता है कि कुछ महीनों में उसका वजूद ही मिट जाए।

क्या बच्चन साहब जिस कंपनी को कुछ करोड़ रुपए लेकर ‘सदियो के लिए’ बता रहे थे, उन्हें इस झूठ के लिए भारतीय अवाम से माफी नहीं मांगनी चाहिए या दलाली व अभिनय के धंधे में सब यूं ही चलता है?

यह विज्ञापन बच्चन साहब की मॉडलिंग को देखकर नहीं, उनकी साख को देखकर दिया गया था। सारी दुनिया में सेलेब्रिटी के विज्ञापनों पर बंदिश लगी हुई है। वे सच को परखने के बाद ही किसी कंपनी या उत्पाद को एंडोर्स कर सकते हैं। लेकिन अपने यहां अंधेर नगरी, चौपट राजा…

मुंबई निवासी अर्थकाम डॉट कॉम के संपादक अनिल सिंह की एफबी वॉल से.